माइंस मालिकों से मिलीभगत का आरोप, ग्रामीणों ने तीन लोगों को बनाया बंधक
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Dec 21, 2025
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सड़क विवाद को लेकर पांच स्टोन माइंस के लीज का हो रहा था विरोध
दुमका | शिकारीपाड़ा
शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के चंदनगढ़िया गांव में शनिवार की रात उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब ग्रामीणों ने माइंस मालिकों से मिलीभगत कर ग्रामीणों के नाम पर रुपये वसूलने और बाद में राशि हड़प लेने के आरोप में गांव के ही तीन लोगों को बंधक बना लिया। मामला क्षेत्र में स्वीकृत पांच स्टोन माइंस के लीज और उससे जुड़े सड़क विवाद से संबंधित है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क समस्या के कारण वे माइंस संचालन का विरोध कर रहे थे, लेकिन इसी बीच गांव के कुछ लोग गुपचुप तरीके से माइंस मालिकों से मिले, मोटी रकम ली और उसे आपस में बांट लिया। आरोपों का विरोध करने पर 18 दिसंबर को ग्रामीण साइमन मरांडी के साथ मारपीट की गई, जबकि शिवलाल सोरेन और अकाल मरांडी को धमकी दी गई। इसके बाद पूरे गांव में आक्रोश फैल गया।
थाने में दी गई लिखित शिकायत
घटना के बाद ग्रामीणों ने संतोष सोरेन, नूनू बास्की, रूबीलाल सोरेन, दायल सोरेन, होपना किस्कू, धुतार सोरेन, वकील सोरेन और जीवन मरांडी के खिलाफ शिकारीपाड़ा थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि धमकी देने वाले कुछ लोग गांव छोड़कर फरार हो गए, जबकि फागू सोरेन, रूबीलाल सोरेन और जीवन मरांडी ग्रामीणों के कब्जे में रहे।

पुलिस की तत्परता से टली अनहोनी
स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए रविवार शाम थाना प्रभारी अमित लकड़ा के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल चंदनगढ़िया गांव पहुंचा। कई घंटों की बातचीत और समझाइश के बाद पुलिस ने पहले फागू सोरेन और फिर रूबीलाल सोरेन व जीवन मरांडी को सुरक्षित मुक्त कराया। तीनों को शिकारीपाड़ा थाना लाया गया।
ग्रामीणों ने पुलिस के समक्ष आवेदन देकर सभी आरोपितों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।








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