स्कूली छात्राओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन सख्त, स्कूलों के आसपास बढ़ेगी पुलिस गश्ती

छात्राओं की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी : डीसी
दुमका। काठीकुंड में नौवीं कक्षा की छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद जिला प्रशासन स्कूली छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भयमुक्त वातावरण तैयार करने में जुट गया है। बुधवार को उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में विशेष बैठक हुई, जिसमें सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। डीसी ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा प्रशासन, पुलिस, विद्यालय प्रबंधन, अभिभावकों और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी को समन्वय के साथ काम करना होगा, ताकि छात्राएं बिना भय के पढ़ाई जारी रख सकें। उन्होंने जिले के सभी विद्यालयों में छात्राओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। फिलहाल कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों और पीएम श्री विद्यालयों में यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

112 और 1098 हेल्पलाइन का होगा व्यापक प्रचार
उपायुक्त ने सभी सरकारी भवनों, विद्यालयों, पंचायत भवनों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आपातकालीन पुलिस सहायता नंबर 112 तथा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया। प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर हेल्पलाइन से संबंधित फ्लेक्स लगाने और सरकारी भवनों की दीवारों पर जागरूकता संदेश लिखवाने को कहा गया, ताकि जरूरत पड़ने पर बच्चे और अभिभावक तत्काल सहायता प्राप्त कर सकें।

अंधेरे और संवेदनशील स्थलों पर लगेंगी स्ट्रीट लाइट
छात्राओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए शहर के अंधेरे और संवेदनशील स्थलों को चिह्नित कर वहां जरूरत के अनुसार स्ट्रीट लाइट लगाने का निर्देश दिया गया। पुलिस विभाग को विद्यालय खुलने और छुट्टी होने के समय स्कूलों के आसपास नियमित गश्ती बढ़ाने तथा छात्राओं को परेशान करने, छेड़छाड़ और अनुचित व्यवहार की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया। आउटडोर स्टेडियम, खूंटा बांध और गांधी मैदान सहित प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर रात में पुलिस गश्ती सुनिश्चित करने और अनावश्यक जमावड़े पर निगरानी रखने का भी निर्देश दिया गया।

स्कूल वाहनों के चालकों का विवरण रखना अनिवार्य
डीसी ने सभी विद्यालयों को निजी वैन और अन्य स्कूल वाहनों के चालकों का नाम, पता, आधार कार्ड सहित आवश्यक पहचान संबंधी विवरण संधारित करने का निर्देश दिया। यह विवरण विद्यालय में सुरक्षित रखने के साथ जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में भी जमा करना होगा, ताकि जरूरत पड़ने पर संबंधित चालक की जानकारी तत्काल उपलब्ध हो सके।

शिकायत पेटियों की नियमित जांच और गोपनीयता पर जोर
उपायुक्त ने सभी विद्यालयों में शिकायत पेटियों को नियमित रूप से खोलने और प्राप्त शिकायतों पर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। संवेदनशील शिकायतों का गोपनीयता के साथ गंभीरतापूर्वक निपटारा करने तथा जरूरत पड़ने पर पुलिस और संबंधित विभागों की सहायता लेने को कहा गया। विद्यालय परिसर में प्रवेश करने वाले बाहरी व्यक्तियों का नाम, आने का उद्देश्य और समय आगंतुक पंजी में दर्ज करना भी अनिवार्य होगा।

अभिभावक-शिक्षक बैठक में सुरक्षा पर होगी चर्चा
डीसी ने सभी विद्यालयों में नियमित अभिभावक-शिक्षक बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया, ताकि छात्राओं की सुरक्षा, उनकी समस्याओं और विद्यालय आने-जाने के दौरान होने वाली परेशानियों पर चर्चा हो सके। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने, उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनने और किसी भी अनुचित व्यवहार की जानकारी मिलने पर विद्यालय प्रबंधन, पुलिस या प्रशासन को सूचित करने की अपील की।

लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर होगी कार्रवाई
उपायुक्त ने जिला परिवहन पदाधिकारी को तेज रफ्तार और लापरवाही से बाइक चलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने तथा विद्यालयों के आसपास विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। बैठक में पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार, सहायक समाहर्ता अवनीश कुमार सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी कौशल कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, नगर थाना प्रभारी और महिला थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।





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