खुद को बचाने के लिए बच्ची ने किया संघर्ष, आरोपी के चेहरे और पीठ पर मिले नाखूनों के निशान

स्वीकारोक्ति बयान में शिशु टुडू ने बतायी वारदात की पूरी कहानी
दुमका। काठीकुंड छात्रा हत्याकांड में गिरफ्तार शिशु टुडू के कथित स्वीकारोक्ति बयान से घटना से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। बयान के अनुसार, बच्ची ने खुद को बचाने के लिए संघर्ष किया और शोर मचाकर मदद मांगने का प्रयास किया। इस दौरान आरोपी के चेहरे और पीठ पर नाखूनों से खरोंच के निशान पड़ गए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, चिकित्सकीय जांच में आरोपी के चेहरे और पीठ पर कई जख्म पाए गए। हालांकि, इन निशानों का घटना से संबंध जांच में उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के आधार पर स्थापित किया जाना है।

पत्नी के तमिलनाडु जाने के बाद अकेले रहने का किया जिक्र
आरोपी के कथित बयान के मुताबिक, उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और उसके चारों बच्चे अलग-अलग जगह रहकर अपना भरण-पोषण करते हैं। उसकी पत्नी बसंती सोरेन करीब डेढ़ महीने पहले मजदूरी करने तमिलनाडु चली गई थी। वह अपनी मां फूलमनी हेंब्रम के साथ गांव में रहकर मजदूरी करता था। बयान में उसने पत्नी के बाहर रहने के कारण अकेलापन और तनाव महसूस करने की बात कही है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान उसने घटना से जुड़ी परिस्थितियों और अपनी कथित संलिप्तता के बारे में जानकारी दी।

जोरिया के पास छात्रा को अकेले देखकर किया हमला
शिशु टुडू के कथित बयान के अनुसार, वह अक्सर अपने गांव से जोरिया के रास्ते भंडारो गांव की ओर जाता था। इस दौरान उसने छात्रा को वहां गाय-बैल चराते देखा था और उसके प्रति गलत मंशा रखता था। बयान के मुताबिक, 9 अक्टूबर 2026 को शाम करीब 4:30 बजे वह अपने घर पिपरा के रस्सी टोला से पैदल लखनपुर हटिया जा रहा था। जयपुर के पास चेक डैम के नजदीक धान के खेत में उसे स्कूल की पोशाक पहने छात्रा मवेशी चराती दिखी। आसपास किसी को नहीं देखकर वह उसके पास पहुंचा। छात्रा के विरोध करने और चिल्लाकर भागने पर उसने पीछा कर उसे पकड़ लिया।

पहचान उजागर होने के डर से हत्या
पुलिस को दिए गए कथित बयान में आरोपी ने छात्रा के साथ जबरदस्ती करने और उसके विरोध करने की बात कही है। उसके अनुसार, छात्रा ने उसके चेहरे और शरीर पर नाखूनों से खरोंच लगाई तथा मुक्का भी मारा। बयान में उसने कहा कि छात्रा उसे पहचान लेने और घटना की जानकारी दूसरों को देने की बात कह रही थी। इसी डर से उसने कथित तौर पर छात्रा का गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद चप्पल को वहीं छोड़ने और शव को उठाकर जोरिया की ओर ले जाने की बात कही है।

शव झाड़ियों में छिपाया, घटना के समय पहने कपड़े धोए
आरोपी के कथित बयान के अनुसार, उसने छात्रा के शव को जोरिया के पास झाड़ियों में छिपा दिया और उसके कपड़े भी वहीं फेंक दिए। इसके बाद वह पैदल घर लौट आया। उसने बताया कि घटना के समय पहने गए शर्ट, गमछे और अंतर्वस्त्र को धोकर घर में छिपाकर रख दिया था। बयान में उसने घटनास्थल, हत्या की जगह, शव छिपाने और कपड़े फेंकने के स्थान की पहचान कराने की बात भी कही। पुलिस के अनुसार, आरोपी की निशानदेही पर कपड़े बरामद किए गए हैं। मामले में कथित स्वीकारोक्ति के साथ अन्य साक्ष्यों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही दोष तय होगा।

पीड़ित परिवार से मिलीं विधायक डॉ. लुईस मरांडी
काठीकुंड/निज संवाददाता। मधुबन-जीतपुर में 9 अक्टूबर को हुई नाबालिग छात्रा की हत्या की घटना के बाद विधायक डॉ. लुईस मरांडी पीड़ित परिवार से मिलीं। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हरसंभव सहयोग और न्याय दिलाने का भरोसा दिया। विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री मामले को लेकर गंभीर हैं और जिला प्रशासन की कार्रवाई पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पीड़ित परिवार को जल्द न्याय दिलाना प्राथमिकता है। इस दौरान जिला परिषद अध्यक्ष जोयस बेसरा भी मौजूद थीं।

दोषी को कठोरतम सजा देने की मांग
जिला परिषद अध्यक्ष जोयस बेसरा ने कहा कि मामले में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को कानून के तहत कठोरतम सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता जताई। काठीकुंड की घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश है और लोग पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। अब मामले में पुलिस की आगे की जांच, वैज्ञानिक साक्ष्यों और न्यायालय की प्रक्रिया पर सबकी निगाहें टिकी हैं।





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