सौर ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा, हंसडीहा बनेगा दुमका का मॉडल सोलर विलेज

दुमका। दुमका जिले के सरैयाहाट प्रखंड स्थित हंसडीहा गांव को मॉडल सोलर विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसके तहत गांव में सौर ऊर्जा आधारित संरचनाओं की स्थापना को प्रोत्साहित करने के साथ ग्रामीणों को सौर ऊर्जा के लाभों के प्रति जागरूक किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करना और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ, किफायती एवं टिकाऊ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है।

छह माह की प्रतिस्पर्धा के बाद हंसडीहा का चयन।
मॉडल सोलर विलेज योजना के तहत जिला स्तरीय समिति ने जिले के 10 गांवों का चयन कर सूची झारखंड नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (जेरेडा) को भेजी थी। इन गांवों में 6 माह तक सौर ऊर्जा आधारित संरचनाओं की स्थापना और उनके उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिस्पर्धा आयोजित की गयी। गांवों में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल और संबंधित संरचनाओं की स्थापना में हुई प्रगति के आकलन के बाद हंसडीहा को मॉडल सोलर विलेज के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया।

दुमका समेत 4 प्रखंडों के 10 गांव थे प्रतिस्पर्धा में शामिल।
चयनित गांवों में दुमका प्रखंड के पुराना दुमका, रसिकपुर, दुधानी और बंदरजोरी शामिल थे। सरैयाहाट प्रखंड से हंसडीहा, मंडलडीह, बरियारा और नवाडीह को चुना गया था। इसके अलावा जरमुंडी प्रखंड के नोनीहाट और रानीश्वर प्रखंड के आसनबनी गांव भी प्रतिस्पर्धा में शामिल थे। निर्धारित अवधि में गांवों के प्रदर्शन की समीक्षा के बाद हंसडीहा का चयन किया गया।

रूफटॉप सोलर लगाने पर मिलेगी 78 हजार रुपये तक सब्सिडी।
बैठक में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गयी। योजना के तहत पात्र घरेलू उपभोक्ता अपने घर की छत पर सोलर रूफटॉप संयंत्र लगवा सकते हैं। निर्धारित प्रावधानों के अनुसार, 1 किलोवाट क्षमता के संयंत्र पर 30 हजार रुपये तथा 2 किलोवाट तक 30 हजार रुपये प्रति किलोवाट की दर से केंद्रीय सब्सिडी दी जाती है। वहीं, 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के संयंत्र पर अधिकतम 78 हजार रुपये तक की केंद्रीय सब्सिडी का प्रावधान है। इससे घरेलू बिजली खर्च में कमी लाने और स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।





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