शहीद एसआई हेमंत भगत को दुमका पुलिस ने दी अंतिम विदाई
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Jan 1
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दुमका पुलिस केंद्र में बुधवार को कर्तव्य पालन के दौरान शहीद हुए अवर निरीक्षक हेमंत भगत को नम आँखों से श्रद्धांजलि दी गई। पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार, सदर एसडीपीओ विजय कुमार महतो, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) इकुड डुंगडुंग, पुलिस एसोसिएशन, पुलिस मेंस एसोसिएशन तथा बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी और जवानों ने शोक सलामी और पुष्पांजलि अर्पित की। एसपी ने कहा कि हेमंत भगत का निधन दुमका पुलिस परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश भगत ने बताया कि शहीद अधिकारी के परिवार को संगठन और पुलिस विभाग की ओर से हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

सड़क हादसे में कर्तव्य के दौरान हुई दर्दनाक मौत
31 दिसंबर की रात शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के नलहची पुल के पास गिट्टी लदे दो ट्रकों की टक्कर के बाद एसआई हेमंत भगत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने मानवता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए सभी घायलों को अपनी ही गाड़ी से अस्पताल पहुँचाया और उन्हें भर्ती कराने के बाद सड़क जाम हटाने के लिए पुनः घटनास्थल लौटे। इसी दौरान दुमका की ओर से आ रही तेज रफ्तार अनियंत्रित स्कॉर्पियो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में कांस्टेबल देवकी प्रजापति भी गंभीर रूप से घायल हुए, जिनका इलाज FHMC में जारी है।

तीन महीने पूर्व ही शिकारीपाड़ा में हुई थी पदस्थापना
लोहरदगा जिले के सेमरा पोड़ाह गांव निवासी हेमंत भगत 1999 में कांस्टेबल के रूप में बहाल हुए थे और मेहनत व योग्यता के आधार पर सब-इंस्पेक्टर पद तक पहुंचे। वह लंबे समय तक रांची के एसीपी कार्यालय में पदस्थापित रहे और विभागीय पत्राचार के विशेषज्ञ माने जाते थे। मात्र तीन महीने पहले ही उनका तबादला होकर दुमका के शिकारीपाड़ा थाना में पदस्थापन हुआ था। उनके छोटे भाई कंचन भगत ने बताया कि हेमंत तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। परिवार में पत्नी, एक बेटा—जो दिल्ली में पढ़ता है—और आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक बेटी है। परिवार के अनुसार 31 दिसंबर की रात करीब 10:45 बजे उन्हें हादसे की जानकारी मिली और घर में कोहराम मच गया।









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