रोजाना दुमका डीसी अभिजीत सिन्हा की छवि खराब कर रही पीआरडी टीम
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Nov 13, 2025
- 3 min read

कॉपी-पेस्ट की मशीन बन गया है दुमका का टीम पीआरडी
दुमका। दुमका के जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (डीपीआरओ) रोहित कण्डुलुना और उनकी टीम पीआरडी दुमका के उपायुक्त अभिजीत कुमार सिन्हा को बेवकुफ बनाने में लगी है। या तो जनसंपर्क विभाग उन्हें कार्यक्रम की जानकारी नहीं देती है कि कार्यक्रम का स्वरूप क्या है या फिर वह यह सुनती नहीं है कि आईएएस अधिकारी, जिले डीसी और जिला दंडाधिकारी किसी महत्वपूर्ण कार्यक्रम में बोल क्या रहे हैं। डीसी के नाम पर दूसरे जिलों के उपायुक्तों के कथनों या फिर एआई के स्क्रीप्ट को लगातार कॉपी-पेस्ट किया जा रहा है। ऐसा लगभग रोज ही हो रहा है। इसकी बानगी गुरूवार को भी पीआरडी द्वारा जारी रिलीज में देखने को मिली जिसमें डीसी अभिजीत सिन्हा के बाइट को भी लगाया गया है जिसमें वह आयोजन को साइकिल रैली बता रहे हैं जबकि पीआरडी इसे “साइक्लोथॉन” का आयोजन और डीसी के संदेश को स्वस्थ और सशक्त झारखंड का संदेश बता रहा है। “साइक्लोथॉन” और “साइकिल रैली” दोनों ही साइकिल से जुड़े आयोजन हैं, लेकिन दोनों का उद्देश्य, स्वरूप और आयोजन शैली एक-दूसरे से अलग होती है।

डीसी का असली बयान गायब, पीआरडी का फर्जी नैरेटिव हावी
दुमका। पीआरडी ने प्रेस रिलीज़ में डीसी के नाम से जो कथन प्रकाशित किया वह किताबों जैसा भाषण था-“हम झारखंड राज्य स्थापना दिवस के 25 वर्ष पूरे होने का उत्सव विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से मना रहे हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि डीसी ने बिल्कुल अलग, जमीन से जुड़ा और कार्यक्रम-विशेष पर केंद्रित वक्तव्य दिया था। उनका वास्तविक संबोधन पीआरडी ने ही वीडियो में जारी किया है, जिसमें वे साफ कहते हैं- ‘‘हमलोग झारखण्ड के स्थापना का रजत जयंती मना रहे हैं, इसी अवसर पर साइकिल रैली का आयोजन किया जा रहा है। सभी टुरिस्ट प्लेसेज में, यहां के अलावा मसानजोड़ में भी इसका आयोजन किया जा रहा है। कुछ लोग यहां से साइकिल चलाकर सेल्फि ब्रिज तक जाएंगे, मसानजोड़ के तरफ भी शायद जाएंगे। मैं सभी जितने भी प्रतिभागी हैं, सुबह-सुबह पार्टिसिपेट कर रहे हैं, ले रहे हैं, सभी को इसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद देना चाहता हूं, इसके लिए बेस्ट विशेज देना चाहता हूं कि आप जाईये और झारखण्ड का जो मैसेज है 25 साल में नौजवान यह झारखण्ड जो तैयार हो गया है, उसके पर्यटन स्थल को दुनिया को दिखाईये। दुमका के जो पर्यटन स्थल हैं, उसे भी दुनिया को दिखाईये। आपके साइकिल की रैली के माध्यम से यह मैसेज भी बाकी जगह तक भी पहुंचे, दुमका के अलग-अलग क्षेत्रों में भी पहुंचे, राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में भी पहुंचे, राज्य के बाहर भी पहुंचे, लोग जानें कि झारखण्ड 25 साल का जो नौजवान है, बहुत इसमें संभावनाएं हैं, असीम संभावना है, टुरिज्म के, उसी के आपलोग आज मैसेंजर बनकर आ रहे हैं। तो सभी को बेस्ट विशेज, बढ़िया से आपलोग चलाएं, सेफली चलाएं और मैं यही कामना करता हूं कि आपलोग जो दुमका को टुरिज्म के मैप में और बेटर से बेटर ले जाएंगे। सभी को फिर से बेस्ट विशेज, जोहर।’’

डीसी के वास्तविक शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा पीआरडी
दुमका। यह विडंबना है कि जिस विभाग का काम डीसी के संदेश को सटीक रूप में जनता तक पहुँचाना है, वही विभाग डीसी के वास्तविक शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा है। इससे न केवल कार्यक्रम की गरिमा प्रभावित होती है, बल्कि जिलाधिकारी की छवि और प्रशासन की विश्वसनीयता पर भी गहरा असर पड़ता है।

विभाग में प्रोफेशनलिज्म की भारी कमी, दुमका पीआरडी जिला प्रशासन की विश्वसनीयता के लिए खतरा
दुमका। स्थानीय पत्रकारों का मानना है कि दुमका पीआरडी टीम बिना तथ्यों की जांच किए केवल कॉपी-पेस्ट पर चल रही है। यह रवैया जनसंपर्क जैसे संवेदनशील विभाग में बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। लगातार होती गलतियों से यह स्पष्ट है कि विभाग में प्रोफेशनलिज्म की भारी कमी है और इसकी कीमत डीसी और जिला प्रशासन की छवि को चुकानी पड़ रही है। अगर स्थिति नहीं सुधरी तो आने वाले दिनों में दुमका पीआरडी जिला प्रशासन की विश्वसनीयता के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित हो सकता है।





Comments