आरक्षित वार्ड से निर्वाचित पार्षद के जाति प्रमाण-पत्र की जांच की मांग
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- 9 hours ago
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राज्य निर्वाचन आयोग से की गई शिकायत
दुमका। नगर परिषद दुमका के वार्ड संख्या-07 (आरक्षित सीट) से निर्वाचित सदस्य दीपा दास के जाति प्रमाण-पत्र की वैधता को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग से जांच की मांग की गई है। इस संबंध में पूर्व वार्ड पार्षद और इस चुनाव में उसी वार्ड से प्रत्याशी रही कृष्णा देवी ने मुख्य चुनाव पदाधिकारी, झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग को आवेदन देकर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की अपील की है।

सरकारी दिशा-निर्देशों का हवाला देकर उठाया सवाल
आवेदन में कहा गया है कि झारखंड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग द्वारा 25 फरवरी 2019 को जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति विवाह अथवा अन्य कारणों से दूसरे राज्य से झारखंड में आकर बसता है, तो उसे झारखंड में आरक्षण का लाभ नहीं मिल सकता। ऐसे व्यक्ति को केवल उसके मूल राज्य के आधार पर ही जाति प्रमाण-पत्र जारी किया जा सकता है।

पश्चिम बंगाल मूल निवास होने का लगाया आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वार्ड संख्या-07 से निर्वाचित सदस्य दीपा दास का मूल निवास पश्चिम बंगाल में है और उनका मायका भी वहीं स्थित है। इसके बावजूद उन्होंने कथित रूप से झारखंड से जाति प्रमाण-पत्र प्राप्त कर आरक्षित सीट से चुनाव लड़कर सदस्य पद हासिल कर लिया।

आरक्षण व्यवस्था के दुरुपयोग की आशंका
आवेदन में कहा गया है कि यदि जांच में यह तथ्य सही पाया जाता है, तो यह राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन होगा। साथ ही आरक्षण व्यवस्था का दुरुपयोग कर वास्तविक पात्र उम्मीदवारों के अधिकारों का हनन भी माना जाएगा।

प्रमाण-पत्र निरस्त कर सदस्यता रद्द करने की मांग
शिकायतकर्ता कृष्णा देवी ने राज्य निर्वाचन आयोग से मांग की है कि दीपा दास के जाति प्रमाण-पत्र की वैधता की जांच कराई जाए। यदि प्रमाण-पत्र गलत तथ्यों के आधार पर प्राप्त पाया जाता है, तो उसे तत्काल निरस्त करते हुए नगर परिषद दुमका के वार्ड संख्या-07 से उनकी सदस्यता रद्द की जाए। साथ ही झूठा प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने के मामले में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।





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