गोलीकांड के विरोध में 10 मार्च से दुमका से बस सेवा अनिश्चितकालीन बंद का ऐलान
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- 9 hours ago
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बस परिचालन बंदी पर अरुण सिंह का बयान, प्रशासन और एसपी पर लगाए गंभीर आरोप
दुमका। डीआईजी कार्यालय के सामने हुए गोलीकांड के 15 दिन बाद भी अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होने से विभिन्न संगठनों में आक्रोश बढ़ गया है। संताल परगना मोटर मजदूर संघ के अध्यक्ष अरुण सिंह को गोली मारकर घायल किए जाने की घटना के विरोध में सोमवार को दुमका बस स्टैंड में विभिन्न संगठनों की आपात बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए 10 मार्च की सुबह से दुमका से बसों का परिचालन अनिश्चितकालीन बंद करने का निर्णय लिया गया। साथ ही बस स्टैंड परिसर की सभी दुकानों को भी बंद रखने की घोषणा की गई।

अपराधियों की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
बैठक में मौजूद संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि घटना के इतने दिनों बाद भी अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। संगठनों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर अपराधियों को पकड़ने की मांग की है।

बस बंदी से होने वाली परेशानी के लिए लोगों से मांगी माफी
संताल परगना मोटर मजदूर यूनियन के अध्यक्ष अरुण सिंह ने कहा कि बस, टैंपू और दुकानों को बंद करना किसी के लिए भी अच्छा विकल्प नहीं है, क्योंकि इससे कई लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है। उन्होंने आम लोगों से होने वाली असुविधा के लिए क्षमा मांगते हुए कहा कि ऐसी स्थिति के लिए प्रशासन और खासकर एसपी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि अपराध और असुरक्षा के कारण कई वाहन मालिक अपना व्यवसाय बंद कर दूसरे राज्यों में जाने को मजबूर हो रहे हैं।

एसपी पर लगाए गंभीर आरोप, दी चुनौती
अरुण सिंह ने पुलिस अधीक्षक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अपराधियों को संरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने एसपी के उस बयान पर भी आपत्ति जताई, जिसमें घटना का दूसरा एंगल होने की बात कही गई थी। अरुण सिंह ने चुनौती देते हुए कहा कि यदि कोई उन्हें जमीन माफिया, शराब माफिया, लॉटरी माफिया, कोयला माफिया या बारूद माफिया साबित कर दे, तो वह उसी दिन दुमका छोड़ देंगे।

पीजेएमसीएच अस्पताल की व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
अरुण सिंह ने दुमका के पीजेएमसीएच अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से कहा कि अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। उन्होंने बताया कि गोली लगने के बाद जब उन्हें अस्पताल लाया गया तो न तो ठीक से पट्टी की गई और न ही एक्स-रे हो सका, क्योंकि अस्पताल के जनरेटर में तेल नहीं था। अंततः उन्हें बिना समुचित इलाज के पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर रेफर कर दिया गया। उन्होंने राज्य सरकार से दुमका अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग की।





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