माता निकली कुमाता, भतीजे के साथ बेटे को भी कुएं में धकेल दिया

शारदीय नवरात्र के नवमी तिथि को बच्चों के साथ गायब हुई थी महिला, तंत्र-मंत्र की आशंका
दुमका। पुरानी कहावत है, ‘पूत कपूत सुने हैं पर न माता सुनी कुमाता’’। यानी संसार में ऐसे कई उदाहरण मिल जाते हैं जहाँ पुत्र (संतान) कुपुत्र या नालायक निकल जाता है। लेकिन एक माँ कभी कुमाता (बुरी माँ) नहीं हो सकती। वह कभी भी अपनी संतान का अहित (बुरा) नहीं सोच सकती। लेकिन दुमका में ठीक इसका उल्टा हुआ है। यहां पुुलिस ने एक ऐसी माता को गिरफ्तार किया है जो कुमाता निकल गयी। उसने भतीजे के साथ अपने बेटे की भी हत्या कर दी। दुमका के नगर थाना के पास से 19 अक्टूबर की शाम लापता हुए 2 मासूम बच्चों की हत्या के मामले में पुलिस ने उनकी मां राखी कुमारी को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा करने का दावा किया है। महिला 19 अक्टूबर की शाम में गायब हुई थी और तबतक शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि प्रवेश कर गयी थी इस कारण इस हत्याकाण्ड को तंत्र-मंत्र से भी जोड़ कर देखा जा रहा है।

सेल्फी ब्रिज और चुटोनाथ घुमने के बाद दुमका पहुंचा था परिवार
एसपी पीतांबर सिंह खेरवार ने बताया कि पाकुड़ जिले के महेशपुर थाना क्षेत्र के बलियाडंगाल निवासी विक्रांत सिंह अपनी पत्नी, बच्चों और भतीजे-भतीजी के साथ घूमने दुमका आए थे। परिवार ने सेल्फी ब्रिज और चुटोनाथ सहित विभिन्न स्थानों का भ्रमण किया। इसी दौरान नगर थाना के पास नाश्ता करने के समय 4 वर्षीय बेटे अरब और 9 वर्षीय भतीजे आयुष कुमार के लापता होने की सूचना 112 नंबर पर मिली। सूचना का सत्यापन किया गया और उनका लोकेशन निकाला गया तो उनकी पत्नी का लोकेशन उसके मायके के पास मिला तो उसी में उन लोगों को सूचित किया गया कि संभवतः वो अपने घर चली गई है पता कीजिए। पता किया गया लेकिन वहां भी नहीं पहुंची। उसके बाद फिर उन लोगों के द्वारा लिखित आवेदन दिया गया जिस पर हम लोगों ने एफआईआर दर्ज किया और थाना अनुसंधान किया। इसी क्रम में पता चला कि वह लेडी जो अपने घर के अगल-बगल देखी गई है। फिर पुलिस के द्वारा छानबीन किया गया। बाद में दोनों बच्चों के शव गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र में एक कुएं से बरामद हुए।

कभी कहती दिमाग खराब है, कभी कहती भूत पकड़ लिया है
दुमका। पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार ने बताया कि पत्नी और दोनों बच्चों के लापता होने पर विक्रांत सिंह ने दुमका नगर थाना में लिखित शिकायत दी थी। इसके आधार पर नगर थाना कांड संख्या 194/2026, दिनांक 22 अक्टूबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई। टीम ने मानवीय और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर महिला की तलाश शुरू की। जांच के दौरान महिला के गांव और मायके के आसपास भी जानकारी जुटाई गई। रात में ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि लेडी मिल गई है और उसके बाद उससे पूछताछ किया गया। दूसरे दिन पूछताछ के क्रम में काफी इधर-उधर टालमटोल की और घुमाई। कभी किसी चीज का बहाना, कभी किसी चीज का बहाना। कभी कहती मेरा दिमाग खराब है। भूत पकड़ लिया है। लेकिन हम लोग को संदेह उस पर हुआ कि कुछ ना कुछ बात है तो कड़ाई से पूछताछ किया गया। महिला पदाधिकारी ने उससे कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और बताया कि उसने ही अपने बेटे और भतीजे को एक साथ कुआं में धकेल दिया है। वो वह जगह दिखा सकती है हम। उसके निशानदेही पर लोगों के द्वारा साथ में जाया गया और वहां वो दोनों का शव वहां बरामद हुआ। इस प्रकार वो जो सूचना बताई थी उसका सत्यापन हुआ।

सीसीटीवी फुटेज और कार चालक के बयान से मिले सुराग
दुमका। एसपी ने बताया कि दुमका से उसमें जहां पर से ये मिसिंग हुई थी दुमका थाना के पास चौक में वहां पर मोमो वगैरह मिलते हैं चोमिन वगैरह, वहीं पर से हम लोगों ने सीसीटीवी देखा तो देखने में ये दोनों बच्चों को पैदल लेके गई। इसके बाद वह दोनों बच्चों के साथ कुछ दूर टोटो से गयी। फिर उसने 2,200 रुपये में इरटिगा कार किराये पर ली। ये अपने बच्चों को लेकर अपने गांव के पास गई और गांव से पहले गाड़ी को छोड़ दी। उसके बाद वहीं पर उसी समय घटना को अंजाम दी। जिस कार का इस्तेमाल किया गया था उसका भी पहचान हो गया। चालक ने बताया कि सिर्फ ये लेडी और दो बच्चे थे। एसपी ने कहा कि प्रत्यक्षदर्शी और परिस्थितिजन्य साक्ष्य, जो गाड़ी ड्राइवर इसको वहां तक पहुंचाया था वो इन इसको अकेले ही ले गया था वो उसका फोटो भी देख के पहचान किया है कि इसी को लेके गए थे और दोनों बच्चा के साथ क्योंकि उसकी मां भी थी इसलिए आराम से जा रहा था। उसके मन में क्या चल रहा है बच्चों को क्या पता है वहां पर ले गए एक साथ ही दोनों को ढकेल दी।

एक-दूसरे का हाथ पकड़े हुए मिला दोनों बच्चों के शव
दुमका। पुलिस के अनुसार, महिला को गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र के सलगाटांड़ गांव से बरामद किया गया। पूछताछ के दौरान उसके बयानों में विरोधाभास मिलने पर पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि महिला के कथित स्वीकारोक्ति बयान और निशानदेही के आधार पर पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र के पेटरपहाड़ी, सिंदरीदोल के पास स्थित एक कुएं से दोनों बच्चों के शव बरामद किए गए। दोनों बच्चों का शव एक हाथ पकड़े हुए अवस्था में पाया गया। शव को देखने से पता चलता है कि कुंए में ढकेले जाने पर आयुष कुमार ने अपने चचेरे भाई को बचाने का प्रयास किया पर दोनों आखिर बच्चे थे इसलिए दोनों की ही डूबने से मौत हो गयी।

पारिवारिक विवाद और पति पर संदेह के कारण की हत्या
दुमका। एसपी ने कहा कि पूछताछ में महिला ने बताई काफी दिनों से वो आक्रोशित थी और प्लानिंग कर रही थी कि इस तरह का घटना करेंगे। कुछ लोगों को बोली भी थी कि हम अपने घर से लड़के लोगों का वंश खत्म कर देंगे। इसका संदेह था इसका पति किसी और से बातचीत करता है और इस पर पर्याप्त ध्यान नहीं देता है। पत्नी भी अच्छा कमाती-धमाती है और ससुराल पक्ष वाले इसको उतना ध्यान नहीं देते आर्थिक रूप से बल्कि उसके बेटे को और उन लोग को ज्यादा तरजीह दी जाती है जिसके चलते इसका मन में आक्रोश था और काफी दिनों से इस तरह का प्लानिंग कर रही थी कि किसी ना किसी दिन इस तरह का घटना करेंगे और अंततः उसने दोनों बच्चों को कुएं में धकेल के उसकी हत्या कर दी।

हत्या समेत अन्य धाराएं जोड़ी गईं, महिला को भेजा जेल
दुमका। पुलिस ने अब इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 103(1) और 238(ए) के तहत धाराएं जोड़ते हुए आरोपी महिला को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस ने आरोपी महिला की घटना के समय पहनी हुई साड़ी और मोबाइल फोन भी बरामद किया है। छापेमारी दल में सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, नगर थाना प्रभारी, हंसडीहा थाना प्रभारी तथा नगर थाना के पुलिस अवर निरीक्षक रंजीत मंडल, मेंजारी बिरुआ, राजीव रंजन-2, रेणुका किस्कू और आरक्षी अमित कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।





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