बिजली संकट को लेकर सड़क पर उतरा हंसडीहा, 3 घंटे जाम के बाद 20 घंटे आपूर्ति का मिला भरोसा

बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने किया सड़क जाम।
बिजली की लचर व्यवस्था, लगातार कटौती, कम वोल्टेज और ओवरलोड की समस्या से परेशान हंसडीहा के ग्रामीणों का सब्र शुक्रवार की अहले सुबह जवाब दे गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आये और गांधी चौक के आसपास चारों दिशाओं की सड़कें जाम कर दीं। करीब 3 घंटे तक चले जाम के कारण हजारों वाहन फंसे रहे। कांवरिया वाहनों की लंबी कतार लगने से श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

अधिकारियों के समझाने पर हटा जाम।
आक्रोशित लोगों का कहना था कि हंसडीहा जैसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक केंद्र में बिजली व्यवस्था लगातार बदहाल होती जा रही है। बार-बार बिजली गुल होने से घरेलू उपभोक्ताओं के साथ दुकानदारों और व्यवसायियों को भी परेशानी हो रही है। लोगों ने कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि बिजली व्यवस्था में स्थायी सुधार चाहिए। सूचना मिलने पर अंचल अधिकारी राहुल कुमार शानू और थाना प्रभारी अजीत यादव मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। दोनों अधिकारियों ने विद्युत विभाग के वरीय अधिकारियों से बात कर समाधान का भरोसा दिलाया, जिसके बाद करीब 3 घंटे बाद जाम हटा लिया गया।

आधे दर्जन ओवरलोड ट्रांसफार्मर बदले जाएंगे।
जाम समाप्त होने के बाद विद्युत विभाग के सहायक कार्यपालक अभियंता राकेश कुमार और कनीय विद्युत अभियंता कृष्णा कुमार हंसडीहा पहुंचे। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर बिजली संकट के कारणों और क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी ली। विभाग की ओर से बताया गया कि हंसडीहा में अधिक लोड वाले करीब आधा दर्जन ट्रांसफार्मरों को बदला जाएगा। देवघर रोड, काली मंदिर और शिव मंदिर के समीप लगे ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने के लिए उन्हें बदलने अथवा जरूरत के अनुसार नए ट्रांसफार्मर लगाने की बात कही गयी।

20 घंटे बिजली आपूर्ति का भरोसा।
विद्युत विभाग के अधिकारियों ने हंसडीहा में करीब 20 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का भरोसा दिया। साथ ही ओवरलोड वाले ट्रांसफार्मरों को बदलने की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की बात कही गयी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद लोगों ने जाम समाप्त किया और सड़क पर वाहनों का परिचालन सामान्य हो गया।

आश्वासन पूरा नहीं हुआ तो फिर होगा आंदोलन।
बिजली संकट से लंबे समय से परेशान स्थानीय लोगों ने विभाग के आश्वासन पर फिलहाल आंदोलन समाप्त कर दिया है। हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द बिजली व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ तो वे फिर से सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। अब लोगों की नजर विद्युत विभाग की ओर से ट्रांसफार्मर बदलने और 20 घंटे आपूर्ति सुनिश्चित करने के आश्वासन पर है।





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