दुमका कोल साइडिंग 8 घंटे रहा जाम, 8 लाख रुपये मुआवजे पर माने परिजन, हटाया जाम,

मुआवजे की मांग को लेकर जाम।
दुमका। दुमका रेलवे स्टेशन स्थित कोल साइडिंग के डंपिंग यार्ड के पास लोडर की चपेट में आने से सुरक्षा गार्ड मंतोष कुमार खीरहर (43) की मौत के बाद गुरुवार को करीब 8 घंटे तक कोल साइडिंग का मुख्य पथ जाम रहा। बुधवार देर रात हुए हादसे के बाद गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम कराने के पश्चात परिजन एवं ग्रामीण मुआवजे की मांग को लेकर कोल साइडिंग पहुंच गये और दोपहर से मुख्य पथ जाम कर दिया। इस दौरान एक भी हाइवा का परिचालन नहीं होने दिया गया। देर शाम तक परिजन एवं ग्रामीण तिरपाल बिछाकर बैठे रहे और वाहनों की लंबी कतार लगी रही।

8 लाख रुपये मुआवजे पर बनी सहमति।
परिजन मृतक के एक पुत्र को स्थायी नौकरी देने के साथ परिवार को 40 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग पर अड़े थे। वहीं बीजीआर कंपनी के प्रतिनिधि पहले 7 लाख रुपये मुआवजा देने को तैयार थे, लेकिन परिजन इसके लिए सहमत नहीं हुए। काफी देर तक मान-मनौव्वल के बाद कंपनी प्रतिनिधि 8 लाख रुपये मुआवजा देने पर सहमत हुए। कंपनी की ओर से 8 लाख रुपये मुआवजे का भुगतान किए जाने के बाद परिजन एवं ग्रामीण जाम हटाने पर सहमत हो गये। सभी लोग शव के साथ वापस लौट गये और इसके बाद कोल साइडिंग में आवागमन सामान्य हो गया।

मुफस्सिल थाना प्रभारी ने की जाम हटने की पुष्टि।
मुफस्सिल थाना प्रभारी जगन्नाथ धान ने बताया कि सड़क से जाम हटा लिया गया है। मृतक के आश्रितों की मांग पूरी हो गयी है और कंपनी की ओर से उचित मुआवजे का भुगतान कर दिया गया है। शव को एंबुलेंस में रखकर परिजन एवं ग्रामीण वापस चले गये हैं। मृतक जामा प्रखंड के ताराजोरा गांव के रहने वाले थे और पिछले करीब 3 वर्षों से कोल साइडिंग में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत थे। उनके पीछे पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री हैं।

बेटे के सामने हुआ हादसा।
जानकारी के अनुसार मृतक का पुत्र अमितोष कुमार खीरहर भी उसी साइडिंग में काम करता है। बुधवार रात अमितोष के सामने ही लोडर ने उसके पिता को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में मंतोष कुमार खीरहर गंभीर रूप से घायल हो गये और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गयी। आंखों के सामने पिता को खोने के बाद अमितोष बदहवास होकर चीख पड़ा। हादसे के बाद साइडिंग में काम कर रहे मजदूर भी आक्रोशित हो गये।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मजदूरों में आक्रोश।
मजदूरों का कहना था कि डंपिंग यार्ड में रात के समय भारी मशीनों और वाहनों का लगातार संचालन होता है, लेकिन मजदूरों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित मजदूरों एवं स्थानीय लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया।





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