हंसडीहा में अवैध मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़, लेथ मशीन समेत पूरा संयंत्र बरामद

कोलकाता एसटीएफ की सूचना पर दुमका पुलिस की कार्रवाई, फैक्ट्री सील; 2 स्थानीय युवक हिरासत में, संचालक फरार
दुमका। हंसडीहा के रामगढ़ मोड़ स्थित रेलवे ओवरब्रिज के समीप एक मकान में संचालित कथित अवैध मिनी गन फैक्ट्री का दुमका पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने छापेमारी कर मकान के अंदर से हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाला संयंत्र, जिसमें लेथ मशीन भी शामिल है, बरामद किया। कार्रवाई के बाद मकान को सील कर दिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

कोलकाता एसटीएफ की सूचना पर हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पूर्व कोलकाता एसटीएफ ने हथियार तस्करी के मामले में 2 तस्करों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान तस्करों से हंसडीहा में पिस्तौल और देसी तमंचे बनाए जाने की जानकारी मिलने की बात सामने आई। इसके बाद कोलकाता एसटीएफ ने इसकी सूचना दुमका पुलिस को दी। एसपी पीतांबर सिंह खेरवार ने बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस ने संबंधित मकान में छापेमारी की और हथियार निर्माण में इस्तेमाल लेथ मशीन समेत अन्य उपकरण बरामद किए।

मुख्य मार्ग पर लाइन होटल के बगल में था ठिकाना
बताया गया कि कथित अवैध मिनी गन फैक्ट्री मुख्य मार्ग पर एक लाइन होटल के बगल में स्थित मकान में संचालित की जा रही थी। पुलिस के अनुसार, हथियार निर्माण के लिए लगाए गए उपकरण मकान के अंदर मिले। ठिकाने की स्थिति ऐसी थी कि बाहर से सामान्य गतिविधि नजर आने के कारण लंबे समय तक किसी को संदेह नहीं हुआ। पुलिस ने सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पूरे सेटअप का पता लगाया।

2 स्थानीय युवक हिरासत में, संचालक फरार
छापेमारी के बाद पुलिस ने मौके से 2 स्थानीय युवकों को हिरासत में लिया है। दोनों से पुलिस पूछताछ कर रही है और उनसे हथियार निर्माण तथा कथित फैक्ट्री के संचालन से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं, पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही कथित संचालक के फरार होने की बात कही जा रही है। उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

बिहार से पश्चिम बंगाल तक सप्लाई की जांच
स्थानीय लोगों के अनुसार, उक्त स्थान पर गोड्डा और बिहार के कई युवकों का आना-जाना लगा रहता था। सूत्रों के हवाले से यहां तैयार हथियारों की बिहार से लेकर पश्चिम बंगाल तक आपूर्ति किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, हथियारों की कथित आपूर्ति के इस दावे की पुलिस स्तर से अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस हिरासत में लिए गए युवकों से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

हथियार निर्माण के नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
अवैध हथियार निर्माण के इस ठिकाने के सामने आने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यहां कब से हथियार बनाए जा रहे थे, किन लोगों की इसमें संलिप्तता थी और तैयार हथियारों की आपूर्ति कहां-कहां की जाती थी। पुलिस बरामद उपकरणों और पूछताछ से मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। पुलिस की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध हथियार निर्माण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।





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