न्यायमूर्ति संजय प्रसाद ने किया केंद्रीय कारा व संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण, बंदियों की समस्याओं की ली जानकारी, ‘द होप बैंड’ का किया उद्घाटन

केंद्रीय कारा में महिला बंदियों से की मुलाकात
दुमका। झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति संजय प्रसाद ने सोमवार को केंद्रीय कारा दुमका का निरीक्षण किया। न्यायमूर्ति के कार्यक्रम को लेकर जेल के मुख्य द्वार से कैंपस के गेट तक दोनों ओर सफेद पट्टी बनायी गयी थी और काफिले के गुजरने के लिए रेड कार्पेट बिछाया गया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने महिला बंदियों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य एवं कुशल-क्षेम की जानकारी ली। साथ ही उनकी व्यक्तिगत समस्याओं, न्यायिक मामलों और अपील दायर होने की स्थिति के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चों को उन्होंने टॉफी और बिस्किट दिए।

अस्पताल, पाकशाला और पुरुष वार्ड का लिया जायजा
न्यायमूर्ति ने केंद्रीय कारा के अस्पताल और पाकशाला का निरीक्षण कर बंदियों को उपलब्ध करायी जा रही चिकित्सा एवं भोजन व्यवस्था की जानकारी ली। इसके बाद पुरुष बंदी वार्ड का भ्रमण कर बंदियों से सीधे संवाद किया तथा उनकी समस्याओं, स्वास्थ्य, विधिक सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

बंदियों के संगीत समूह ‘द होप बैंड’ का उद्घाटन
निरीक्षण के दौरान केंद्रीय कारा में संसीमित बंदियों द्वारा संचालित संगीत समूह ‘द होप बैंड’ का न्यायमूर्ति संजय प्रसाद ने विधिवत उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद पुरुष बंदियों ने संगीत कार्यक्रम प्रस्तुत किया। न्यायमूर्ति ने कार्यक्रम देखा और बंदियों की रचनात्मक एवं सकारात्मक गतिविधियों की सराहना की। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधांशु कुमार शशि, उपायुक्त अभिजीत सिन्हा, पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार, केंद्रीय कारा अधीक्षक जीतेन्द्र कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी कौशल कुमार, प्रोवेशन पदाधिकारी, चिकित्सा पदाधिकारी, कारापाल सहित अन्य उपस्थित थे।

संप्रेक्षण गृह में व्यवस्थाओं का लिया जायजा
न्यायमूर्ति संजय प्रसाद ने दुमका के हिजला गांव स्थित संप्रेक्षण गृह का भी निरीक्षण किया। उन्होंने विधि-व्यवस्था, कार्यालय, पुस्तकालय, आवासन कक्ष, व्यावसायिक कक्ष, भोजनालय, शौचालय, क्रीड़ा स्थल, पेयजल और बिजली सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद संथाल परगना प्रमंडल के उपनिदेशक सह सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग अनिल टुडू को झालसा द्वारा उपलब्ध मानक संचालन प्रक्रिया एवं मार्गदर्शिका का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

किशोरों को नई शुरुआत और बेहतर भविष्य का संदेश
न्यायमूर्ति ने संप्रेक्षण गृह में आवासित किशोरों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली और उन्हें जाने-अनजाने हुई गलतियों से सीख लेकर नई शुरुआत करने की प्रेरणा दी। उन्होंने अध्ययन एवं कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर हुनर हासिल करने और अच्छे नागरिक बनने की अपील की। किशोरों के जन्मदिन के अवसर पर उन्होंने केक काटकर जन्मदिन मनाया तथा कॉपी, कलम, बिस्किट और चॉकलेट उपहार स्वरूप देकर उनका उत्साहवर्द्धन किया। निरीक्षण के दौरान प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रकाश झा, किशोर न्याय बोर्ड की प्रधान दंडाधिकारी नेहा झा, बाल कल्याण समिति के सदस्य सुबीर कुमार भट्टाचार्य, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी प्रकाश चंद्रा सहित अन्य मौजूद थे।





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