नक्शा पास कराने के लिए प्रमाण पत्र की अनिवार्यता का प्रस्ताव सर्वसम्मति से खारिज

नगर परिषद की बैठक में प्रस्ताव पर जमकर हुआ हंगामा
दुमका नगर परिषद की 30 अक्टूबर को हुई बैठक में भवन निर्माण का नक्शा पारित करने से पहले आवेदक को संबंधित जमीन के लिए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और वार्ड पार्षद से संतुष्टि प्रमाण पत्र लेने का प्रस्ताव रखा गया। इस प्रस्ताव पर सदन में जमकर हंगामा हुआ। अंततः सदस्यों ने सर्वसम्मति से इसे खारिज कर दिया। गौरतलब है कि चुनाव के दौरान और जीतने के बाद नगर परिषद अध्यक्ष अभिषेक चौरसिया नक्शा स्वीकृति के नाम पर कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते रहे हैं। वहीं, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी की ओर से कार्यालय में लगाए गए एक बोर्ड में नक्शा स्वीकृति और निजी बोरिंग के लिए प्रमाण पत्र के नाम पर अवैध राशि या रिश्वत मांगने को दंडनीय बताते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। लोगों से भी किसी को पैसा नहीं देने की अपील की गई थी। ऐसे में नक्शा स्वीकृति को लेकर अनियमितताओं का सवाल एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

छठ घाटों पर बैरिकेडिंग और रंग-रोगन कराएगा नगर परिषद
दीपावली और छठ पर्व को लेकर नगर परिषद ने शहर की साफ-सफाई और तालाबों की व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को नगर परिषद अध्यक्ष अभिषेक चौरसिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा को लेकर कई फैसले लिए गए। बैठक में उपाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह और कार्यपालक पदाधिकारी शीतांशु खालको मौजूद थे। निर्णय लिया गया कि खूंटाबांध तालाब, बड़ा बांध तालाब, रसिकपुर तालाब और दुमका पार्क स्थित तालाब में बैरिकेडिंग और रंग-रोगन कराया जाएगा। इन कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति भी प्रदान कर दी गई है।

पर्व से पहले शहर में चलेगा विशेष सफाई अभियान
नगर परिषद क्षेत्र में दीपावली और छठ से पहले विशेष सफाई अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। इसकी जिम्मेदारी कार्यपालक पदाधिकारी को सौंपी गई है। अभियान के तहत शहर की साफ-सफाई के साथ तालाबों और घाटों की व्यवस्था बेहतर बनाने पर जोर रहेगा, ताकि श्रद्धालुओं को पर्व के दौरान किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। बैठक में छठ व्रतियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संबंधित कार्यों को समय पर पूरा करने पर भी चर्चा हुई।

संतुष्टि प्रमाण पत्र के बाद ही होगा योजनाओं का भुगतान
विकास योजनाओं में गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसके तहत वार्ड पार्षदों, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की ओर से प्रस्तावित योजनाओं का काम पूरा होने के बाद संबंधित जनप्रतिनिधियों से संतुष्टि प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा। प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही कार्यपालक पदाधिकारी संवेदकों को भुगतान की प्रक्रिया पूरी करेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य योजनाओं के कार्यों की गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करना बताया गया।

कंप्यूटर ऑपरेटरों की कमी का मुद्दा भी उठा
बैठक में नगर परिषद कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटरों की कमी के कारण प्रशासनिक कार्यों में हो रही परेशानी का मामला भी उठाया गया। इस पर कार्यपालक पदाधिकारी को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के लिए अधिकृत किया गया। बैठक में वार्ड पार्षद उर्मिला शर्मा, रेवती देवी, कुसुम कुमारी, संजीव कुमार यादव, मधु देवी, निशा परवीन, दीपा दास, महेश राम, इंदू देवी, कन्हाई प्रसाद साह, राजकुमारी देवी, सपन कुमार साह, जूही रानी केशरी, विकास कुमार ठाकुर, सीमा देवी, राज कुमार मोदी, अरबी खातून, नरेंद्र प्रसाद साह, नेहा गुप्ता और सोनी हेम्ब्रम सहित अन्य सदस्य शामिल हुए।





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