झाड़ू-पोछा और कुदाल लेकर श्रम अधीक्षक कार्यालय पहुंचे कर्मी,

12 महीने से वेतन बकाया, स्वास्थ्य कर्मियों का हल्लाबोल
दुमका में आउटसोर्सिंग के माध्यम से विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत कर्मियों को बकाया वेतन नहीं मिलने के विरोध में पैरामेडिकल स्टाफ एसोसिएशन के अध्यक्ष रामवृक्ष महतो और सचिव राजू कुमार के नेतृत्व में गुरुवार को दुमका सदर ब्लॉक से श्रम अधीक्षक कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला गया। कार्यालय पहुंचकर कर्मियों ने घेराव किया और झाड़ू-पोछा, कुदाल तथा गमला लेकर करीब 4 घंटे तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में गोड्डा के पूर्व विधायक अमित मंडल और पूर्व सांसद सुनील सोरेन भी शामिल हुए। कर्मियों ने श्रम अधीक्षक सूरज कुमार हांसदा को ज्ञापन सौंपकर बकाया वेतन सहित अन्य मांगों पर कार्रवाई की मांग की।

लिखित आश्वासन नहीं मिलने पर हड़ताल जारी रखने का निर्णय
प्रदर्शन के दौरान सिविल सर्जन डॉ. सुशांतो कुमार मांझी और श्रम अधीक्षक ने अपने स्तर से पत्राचार कर कर्मियों को समझाने तथा हड़ताल समाप्त कराने का प्रयास किया। हालांकि, लिखित आश्वासन और ठोस निर्णय नहीं मिलने से कर्मी असंतुष्ट रहे। एसोसिएशन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया। आंदोलन में शिवा प्रोटेक्शन फोर्स, बालाजी डिटेक्टिव फोर्स, कमांडो इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स, बिरसा सिक्योरिटी एंड सर्विस सेटलमेंट तथा बीएमआर सिक्योरिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के अधीन फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल, सदर अस्पताल और विभिन्न सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत कर्मी शामिल हुए।

हर महीने 1 से 10 तारीख तक वेतन भुगतान की मांग
एसोसिएशन ने मांग की है कि सभी आउटसोर्सिंग स्वास्थ्य कर्मियों को प्रत्येक महीने की 1 से 10 तारीख के बीच वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। कर्मियों के अनुसार, विभिन्न संस्थानों में 12, 11, 9 और 8 महीने से वेतन बकाया है, जिसका जल्द भुगतान किया जाना चाहिए। इसके अलावा ईपीएफ, ईएसआईसी और बोनस से संबंधित अनियमितताओं को दूर कर बकाया राशि देने, न्यूनतम मजदूरी दर के अनुसार ट्रेजरी बिल के आधार पर वेतन भुगतान करने तथा श्रम कानूनों के तहत निर्धारित छुट्टियां देने की मांग की गई है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि मांगों पर ठोस निर्णय और लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।

सुनील सोरेन बोले, स्वास्थ्य विभाग नहीं संभल रहा तो इस्तीफा दें मंत्री
आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद सुनील सोरेन ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि स्वास्थ्य विभाग नहीं संभल रहा है तो मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में कहीं डॉक्टर नहीं हैं, कहीं एंबुलेंस की कमी है और कहीं दवाइयां उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में स्वास्थ्य व्यवस्था कब तक इसी तरह चलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग कंपनियों और सरकार की मिलीभगत से कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। कर्मियों को कम वेतन मिलता है और वह भी समय पर नहीं दिया जाता। उन्होंने श्रम निरीक्षक की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए संबंधित कंपनियों और अधिकारियों के बीच तालमेल के कारण कर्मचारियों को परेशानी होने का आरोप लगाया।

मांगें नहीं मानी गईं तो भाजपा करेगी तालाबंदी
सुनील सोरेन ने राज्य सरकार पर जनता का शोषण करने और हर मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग स्वास्थ्य कर्मी कई दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो भाजपा तालाबंदी करेगी। पूर्व सांसद ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता आंदोलनरत स्वास्थ्य कर्मियों के साथ खड़े रहेंगे। दूसरी ओर, कर्मियों ने भी बकाया वेतन और अन्य मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने की बात कही है।





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