8 घंटे से लापता थे दोनों बच्चे, “पोड़ैयाहाट नदी आइए” कहकर राखी ने क्या बताया, फिर क्यों छा गई खामोशी? आज पढ़िये चौथी और अंतिम कड़ी।

रात में पत्नी के जवाबों ने बढ़ाई बिक्रम की बेचैनी
रात के 12:09 बज चुके थे। बिक्रम के 4 वर्षीय बेटे आरव और 9 वर्षीय भतीजे आयुष को लापता हुए करीब 8 घंटे बीत चुके थे। अनहोनी की आशंका से परेशान बिक्रम लगातार पत्नी राखी से बच्चों और उसकी लोकेशन के बारे में पूछ रहा था, लेकिन उसे स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा था। बिक्रम ने जब दोनों बच्चों को देखने के लिए जगह पूछी, तो राखी ने कहा, “पोड़ैयाहाट नदी आइए।” बातचीत आगे बढ़ी तो बच्चों के बारे में उसने कहा, “सबको निकालेगा तब न।” रात 12:48 बजे तक दोनों के बीच चैट होती रही, लेकिन इसके बाद अचानक खामोशी छा गई। सुबह 06:46 बजे बिक्रम ने फिर संदेश भेजकर पूछा, “कहाँ हो?” इस बार राखी की ओर से कोई जवाब नहीं आया और संदेश पर ब्लू टिक भी नहीं लगा। आखिर रात की उस बातचीत के बाद ऐसा क्या हुआ कि चैट अचानक बंद हो गई? बच्चों और राखी के बारे में उठे सवालों के बीच पेश है पति-पत्नी की रहस्यमयी व्हाट्सऐप बातचीत की चौथी और अंतिम कड़ी।

तीसरी कड़ी में आपने पढ़ा:-
हिजला पहाड़ से बड़ी नदी तक, राखी की चैट में उलझती गई कहानी
रात 11:54 बजे से राखी और बिक्रम के बीच चैट में रहस्य और गहराता गया। राखी ने पति से कहा, “सबको मत बताईये ये बात।” बिक्रम ने भरोसा दिलाया कि वह किसी को कुछ नहीं बताएगा और बार-बार उसकी लोकेशन पूछता रहा। राखी ने बताया कि वह किसी बड़ी नदी में है, लेकिन उसे नदी का नाम नहीं पता। जब बिक्रम ने पूछा कि वह घर में है या नदी में, तो राखी का जवाब आया, “पानी के अंदर, घर में।” इसके तुरंत बाद उसने कहा, “खा रहे हैं दही-चूड़ा।” बिक्रम ने नदी तक पहुंचने का रास्ता जानने के लिए हिजला पहाड़ का जिक्र किया। आखिर बड़ी नदी के पानी के अंदर घर होने की बात का क्या मतलब था? राखी कहां थी और उस रात वहां क्या हो रहा था? सवाल लगातार बढ़ रहे थे, लेकिन जवाब अब भी रहस्य बने हुए थे।

बिक्रम ने अचानक क्यों डिलीट किया संदेश?
रात 12 बजे राखी ने बिक्रम से सवाल किया, “कितने घंटे बाद निकालेगा?” जब बिक्रम ने पूछा कि क्या निकालेगा, तो राखी ने जवाब दिया, “हम लोगों को।” इसके बाद उसने बताया कि कोई “बाबू लोगों को अंदर ले गया” है और बच्चों को खेलने के लिए गाड़ियां दी गई हैं। बिक्रम बच्चों की सलामती पूछते हुए लगातार उनकी लोकेशन जानने की कोशिश करता रहा। रात 12:06 बजे राखी ने कहा, “बलिया डंगाल में घुसे, इसके बाद पता नहीं।” इसके तुरंत बाद बिक्रम ने एक संदेश डिलीट कर दिया और फिर पूछा कि वह बलियाडंगाल किस गाड़ी से गई थी। आखिर बच्चों को कौन अंदर ले गया था? राखी किस जगह की बात कर रही थी और बिक्रम ने कौन-सा संदेश डिलीट किया था? आधी रात की इस चैट ने रहस्य को और गहरा कर दिया।

दोनों हमको दोनों बाबू को देखना है।
राखी (12ः09): हमको नदी में जब पहुँचाए, तब पता चला।
राखी (12ः09): मेरा फोन ले लिया था।
बिक्रम (12ः10): कौन-सी गाड़ी में चढ़कर बलियाडंगाल गई तुम?
राखी (12ः10): नहीं पता।
बिक्रम (12ः11): हमको दोनों बाबू को देखना है।
राखी (12ः12): खेल रहा है।
बिक्रम (12ः12): देखने के लिए कहाँ जाना पड़ेगा?
राखी (12ः29): पोड़ैयाहाट नदी आईये।

सबको निकालेगा, तब न जाएंगे।
राखी (12ः43): निकालेगा तब ना।
बिक्रम (12ः44): कहाँ से निकलोगी तुम ?
बिक्रम (12ः44): फोन करो, एक बार बात करना है तुमसे ।
राखी (12ः45): भाभी गुस्साती है।
राखी (12ः45): मेरा आवाज खत्म है।
बिक्रम (12ः46): तो मैसेज से बताओ, कहाँ पर हो तुम?
राखी (12ः47): सबको निकालेगा, तब न जाएंगे।
बिक्रम (12ः48): तुम बोलो ना, कहाँ पर हो? अकेले जाएंगे।




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