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आधी रात के बाद भी जारी रही रहस्यमयी चैट, आखिर कहां थे दोनों बच्चे?

5 hours ago
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क्या वहां कोई कर्मकांड चल रहा था?

घड़ी की सुइयां तेजी से आगे बढ़ रही थीं, लेकिन राखी अपने दोनों बच्चों के बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं बता पा रही थी। पति-पत्नी के बीच व्हाट्सऐप पर बातचीत लगातार जारी थी। रात के 12 बजते ही तारीख 19 अक्टूबर से बदलकर 20 अक्टूबर हो गई। चैट के संदेशों से ऐसा प्रतीत हो रहा था कि दोनों बच्चे उस समय जीवित थे, लेकिन वे कहां थे, राखी कहां थी और उन्हें वहां कौन लेकर गया था? आधी रात में नदी या तालाब के पास वे क्या कर रहे थे? क्या वहां और भी लोग मौजूद थे? क्या वहां कोई कर्मकांड चल रहा था? ऐसे कई सवाल उस रात की बातचीत को रहस्यमय बना रहे थे। आखिर उस रात क्या हुआ था? पति-पत्नी के बीच देर रात तक चली इस रहस्यमयी बातचीत की तीसरी कड़ी आज पढ़िए।

दूसरी कड़ी में आपने पढ़ा :-

रात 11:38 बजे बिक्रम ने राखी को भरोसा दिलाया कि सब ठीक हो जाएगा और चिंता नहीं करने को कहा। लेकिन 11:42 बजे राखी का जवाब आया, “नदी में है… कौन-सी नदी है, पता नहीं है।” बिक्रम ने आयुष से बात कराने को कहा, तो राखी ने जवाब दिया, “सो गया है।” इसके बाद बिक्रम ने दोनों बच्चों की फोटो व्हाट्सऐप करने को कहा और भरोसा दिलाया कि उसे कुछ नहीं होने देंगे। राखी बार-बार उसे ले जाने की गुहार लगाती रही, लेकिन जब बिक्रम ने पूछा, “कहाँ लेकर जाएंगे?” तो राखी ने फिर कहा, “कोई नदी है।” आखिर राखी किस नदी की बात कर रही थी? दोनों बच्चे कहां थे? और उस रात राखी के साथ क्या हुआ था? आधी रात की इस चैट ने रहस्य को और गहरा कर दिया।

“नदी के अंदर घुसे हैं। घर है वहां।”

रात 11:48 बजे बिक्रम ने राखी से पूछा कि वह किस रास्ते से गई थी, क्या उसे कुछ याद है? राखी का जवाब आया, “नदी के अंदर घुसे हैं। घर है वहां।” बिक्रम फोन पर बात करने और अकेले आकर उसे ले जाने का भरोसा देता रहा, लेकिन राखी के संदेश और उलझते गए। उसने कहा, “बहुत सारे बच्चे हैं”, फिर बताया कि वहां पक्का घर है और बच्चे खेल रहे हैं। जब बिक्रम ने पूछा कि वहां कोई परेशानी तो नहीं हो रही, तो रात 11:54 बजे राखी ने कहा, “नहीं, क्या हुआ मेरे साथ, बताने नहीं बोल रहा है।” आखिर वह किस नदी और किस पक्के घर की बात कर रही थी? वहां इतने बच्चे कौन थे? और राखी के साथ क्या हुआ था, जिसे वह बता नहीं पा रही थी? उस रात की चैट में सवाल बढ़ते जा रहे थे, लेकिन जवाब अब भी रहस्य बने हुए थे। अब पढ़िये रात 11ः54 से 12ः08 तक पति और पत्नी के बीच क्या चैट हुई

कहाँ हो तुम- ‘‘नदी में, पता नहीं कौन नदी।’’

राखी (11ः54): सबको मत बताईये ये बात।

बिक्रम (11ः55): किसी को कुछ नहीं बोलेंगे। तुम बोलो ना, कहाँ पर है?

राखी (11ः55): नदी में, पता नहीं कौन नदी।

बिक्रम (11ः56): नदी में कितना पानी है? कितना बड़ा नदी है?

बिक्रम (11ः56): अगल-बगल कोई बड़ा पुल है या छोटा पुल, नदी में?

राखी (11ः56): बड़ी नदी है।

बिक्रम (11ः57): तुम घर में हो या नदी में हो?

राखी (11ः57): पानी के अंदर, घर में।

राखी (11ः58): खा रहे हैं दही-चूड़ा।

बिक्रम (11ः58): किधर होकर गई थी नदी? हिजला पहाड़ होकर?

बाबू लोगों को अंदर ले गया।

राखी (12ः00): कितने घंटे बाद निकालेगा?

बिक्रम (12ः00): क्या निकालेगा रे?

राखी (12ः01): हम लोगों को।

राखी (12ः02): बाबू लोगों को अंदर ले गया।

बिक्रम (12ः03): बाबू लोगों को कोई दिक्कत तो नहीं है?

राखी (12ः03): नहीं।

राखी (12ः03): गाड़ी सब दिया है खेलने के लिए।

बिक्रम (12ः04): बाबू सबको हमको खोजता होगा, बोलो ना कहाँ पर है तुम।

राखी (12ः06): बलिया डंगाल में घुसे, इसके बाद पता नहीं।

बिक्रम (12ः07): यह संदेश डिलीट कर दिया।

बिक्रम (12ः08): बलियाडंगाल कौन गाड़ी से गई थी?

 
 
 

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