दुमका में हिंदू सम्मेलन, एकता और सांस्कृतिक मूल्यों पर दिया गया जोर

दुधानी में आयोजित सम्मेलन में उमड़ा सकल हिंदू समाज
दुमका। दुधानी स्थित नेशनल स्कूल खेल मैदान में रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर सकल हिंदू समाज द्वारा हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रांत प्रचारक गोपाल शर्मा, स्वामी आत्मानंद पूरी, इंग्लिश मरांडी और अंजना भुवानियां ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

गोपाल शर्मा ने एकजुटता और सामाजिक समरसता पर दिया बल
सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रांत प्रचारक गोपाल शर्मा ने हिंदू समाज की एकता पर जोर देते हुए जातीय विभाजन से बचने की अपील की। उन्होंने सांस्कृतिक मूल्यों, स्वदेशी आचरण, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्यों के पालन को आवश्यक बताया। साथ ही उन्होंने संथाल परगना की जनसंख्या संरचना में बदलाव का जिक्र करते हुए समाज को सजग रहने की बात कही।

वैदिक परंपरा और पारिवारिक मूल्यों पर जोर
स्वामी आत्मानंद पूरी ने वैदिक परंपरा और सदाचार को जीवन में अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि परिवारों में बढ़ते विवाद चिंता का विषय है और रामायण, महाभारत तथा गीता से प्रेरणा लेकर समाज को सही दिशा मिल सकती है।

जनजातीय समाज को सनातन संस्कृति का अभिन्न अंग बताया
इंग्लिश मरांडी ने कहा कि जनजातीय समाज सनातन संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है और प्रकृति पूजा इसकी पहचान है। उन्होंने परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का आह्वान किया तथा समाज को एकजुट रहने की आवश्यकता बताई।

नारी शक्ति की भूमिका और रामगढ़ सम्मेलन में भी एकता का संदेश
अंजना भुवानियां ने समाज और परिवार को मजबूत बनाने में नारी शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। वहीं रामगढ़ प्रखंड के सूड़ीगम्हरिया गांव में भी हिंदू सम्मेलन आयोजित हुआ, जहां वक्ताओं ने सांस्कृतिक संरक्षण, सामाजिक सहभागिता और एकजुटता का संदेश दिया। कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग और ग्रामीण उपस्थित रहे।





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