दुमका में पत्रकारों का उग्र प्रदर्शन- पुलिस की मनमानी के खिलाफ फूटा गुस्सा
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Dec 30, 2025
- 2 min read

आरोपी थानेदार की तत्काल गिरफ्तारी, सख्त कार्रवाई और प्रेस सुरक्षा कानून की उठी मांग
दुमका। वरिष्ठ पत्रकार मृत्युंजय पांडेय और पत्रकार नितेश कुमार वर्मा के साथ हंसडीहा थाना प्रभारी ताराचंद यादव और उसके निजी चालक द्वारा की गई बर्बर पिटाई एवं दुर्व्यवहार के विरोध में मंगलवार को दुमका पत्रकार परिषद के बैनर तले पुराना समाहरणालय परिसर में उग्र धरना-प्रदर्शन हुआ। वरिष्ठ पत्रकार सुमन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस विरोध कार्यक्रम में जिले और विभिन्न प्रखंडों से आए पत्रकारों ने एकजुट होकर पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए। पत्रकारों ने कहा - “निलंबन पर्याप्त नहीं, आरोपी थानेदार को गिरफ्तार करो!” धरना के बाद पत्रकारों ने उपायुक्त और एसपी को संबोधित ज्ञापन प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी को सौंपा, जिसमें हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में थ्प्त् और तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई। उन्होंने आरोपियों की संपत्ति की जांच, मामले की उच्चस्तरीय जांच और पत्रकार सुरक्षा के लिए कड़े दिशानिर्देश जारी करने की भी मांग की।

पत्रकार पिटाई कांड में हंसडीहा थाना प्रभारी निलंबित; विभागीय कार्रवाई शुरू
दुमका। पत्रकारों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोपों पर पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार ने हंसडीहा थाना प्रभारी ताराचंद को तत्काल निलंबित कर दिया है। एसडीपीओ की जांच रिपोर्ट में थाना प्रभारी का व्यवहार अनुशासनहीन, अमर्यादित और पुलिस की छवि को धूमिल करने वाला पाया गया। 27 दिसंबर की रात श्राद्धकर्म से लौटते समय पत्रकारों को चौक पर रोककर मारपीट, गाली-गलौज और घंटों तक बैठा कर रखने की घटना ने पूरे जिले की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि पत्रकारों को झूठे मामलों में फंसाना और उत्पीड़न करना पुलिस तंत्र की निरंकुशता का प्रमाण बन चुका है और राज्य में प्रेस की आवाज लगातार दबाई जा रही है।

पत्रकार शब्बीर अंसारी ने भी उठाई आवाज, झूठे केस में फंसाने के खिलाफ डीआईजी से न्याय की मांग
दुमका। पत्रकार शब्बीर अंसारी ने भी अपने ऊपर दर्ज किए गए कथित झूठे मुकदमे के विरोध में डीआईजी को आवेदन देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने रानेश्वर थाना कांड संख्या 45/25 (धारा 308(2) ठछै) को बेबुनियाद बताया और कहा कि यह कार्रवाई रानेश्वर बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा की पुरानी रंजिश का नतीजा है। पत्रकार के अनुसार मनरेगा घोटालों और अनियमितताओं की ख़बरें प्रकाशित करने के बाद उन्हें टारगेट कर फंसाया जा रहा है। उनकी मांग है कि कथित घटना की तारीख के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर सत्य सामने लाया जाए।









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