दुमका के गोपीकांदर में डायरिया से दो मौत पर जांच तेज
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Nov 18, 2025
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जिला मुख्यालय से तीन सदस्यीय टीम ने किया निरीक्षण, पानी का सैंपल भेजा जाएगा लैब
दुमका। दुमका जिला के गोपीकांदर प्रखंड के डायरिया प्रभावित बांसपहाड़ी गांव में मंगलवार को जिला मुख्यालय से तीन सदस्यीय जांच टीम पहुंची। टीम में जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी अंजना मिंज, नटवर साह और चंद्रशेखर कुमार शामिल थे। जांच टीम ने गांव पहुंचकर डायरिया से प्रभावित परिवारों एवं स्थानीय ग्रामीणों से खान-पान और पानी की उपलब्धता से जुड़ी जानकारी एकत्र की। टीम ने ग्रामीणों को सलाह दी कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक पीने का पानी उबालकर ही उपयोग करें।

पीड़ित परिवारों से ली जानकारी, स्वास्थ्य सतर्कता बरतने की अपील
टीम ने ग्रामीणों से आग्रह किया कि बहुत पुराने चावल, दाल, मकई, अरहर जैसे अनाजों का सेवन फिलहाल न करें। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अंजना मिंज ने कहा कि डॉक्टरों की रिपोर्ट के अनुसार बीमारी का मुख्य कारण दूषित पानी बताया जा रहा है। इसलिए स्थानीय स्रोतों से पानी के नमूने लेकर जांच हेतु भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के असल कारण की पुष्टि हो सकेगी।

पूर्व मुखिया ने मृतक परिवारों से की मुलाकात, मदद का भरोसा
पंचायत के पूर्व मुखिया नन्दमितेश मुर्मू ने गांव पहुंचकर मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। मृतक होपना मरांडी के छोटे पुत्र मानसिस मरांडी को पीलिया के लक्षण मिलने पर उन्होंने डॉक्टर से इलाज कराने की सलाह दी। उन्होंने पीड़ित परिवारों को पारिवारिक लाभ योजना सहित हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया और ग्रामीणों से जागरूकता बनाए रखने की अपील की। गौरतलब है कि बांसपहाड़ी गांव में डायरिया से अब तक एक महिला और एक पुरुष की मौत हो चुकी है, जबकि दो मासूम सहित चार लोग प्रभावित हुए थे। वर्तमान में सभी की स्थिति में सुधार है।

दो चापानल हुए ठीक, जल्द होगा डीप बोरिंग
गोपीकांदर बीडीओ विजय प्रकाश मरांडी के निर्देश पर मंगलवार को गांव में बंद पड़े तीन चापाकलों में से दो चापाकलों की मरम्मत कर उन्हें चालू कर दिया गया। स्थानीय मुखिया स्नेहलता मरांडी और पूर्व मुखिया नन्दमितेश मुर्मू की उपस्थिति में ग्राम जल स्वच्छता समिति की बैठक आयोजित हुई। ग्राम प्रधान जीमल टुडू की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में गांव में डीप बोरिंग कराने के लिए ग्राम सभा से प्रस्ताव पारित किया गया। ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि एक सप्ताह के भीतर गांव में नियमित जलापूर्ति बहाल की जाएगी। बैठक में ग्राम जल सहिया ऊषा रानी हेंब्रम, बहामनी हेंब्रम, एलानि सोरेन, पारा किस्कू, ननकी मरांडी, निर्मल मरांडी, बाबूराम किस्कू, मिकाइल सोरेन, सुशांति हेंब्रम एवं मंजिला मुर्मू सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।





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