दुमका के गोपीकांदर में छह दिनों के अंदर पिता-पुत्र की मौत
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Nov 22, 2025
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डायरिया से पिता की मौत के बाद मासूम बेटे ने भी तोड़ा दम
बांसपहाड़ी गांव में डायरिया से बढ़ी चिंता, 12 दिनों में तीन लोगों की मौत
दुमका जिले के गोपीकांदर प्रखंड के बांसपहाड़ी गांव में लगातार हो रही मौतों ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। छह दिन पहले जहां पिता होपना मरांडी की डायरिया से मौत हुई थी, वहीं शुक्रवार को उसका आठ वर्षीय बेटा मोनासिस मरांडी भी जिंदगी की जंग हार गया।

गांव में मातम, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
लगातार दो मौतों ने मां खरी मुर्मू को पूरी तरह टूट जाने पर मजबूर कर दिया है। ग्रामीण भी समझ नहीं पा रहे हैं कि गांव को आखिर किसकी नजर लग गई है। 12 दिनों के भीतर गांव में पितादृपुत्र सहित एक महिला की मौत हो चुकी है, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।

बीमारी की पृष्ठभूमि और इलाज में देरी के आरोप
ग्राम प्रधान जीमल टुडू के अनुसार, मृतक मोनासिस पिछले दो महीनों से पीलिया से पीड़ित था। डायरिया फैलने के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसकी जांच भी की थी और उसे गोपीकांदर सीएचसी में भर्ती कराया गया था। हालांकि सीएचसी के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि परिजन बीमार बच्चे को समय पर केंद्र नहीं लाए। बताया जाता है कि हालत बिगड़ने पर उसे निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान शुक्रवार को उसकी मौत हो गई।

गांव में डायरिया का प्रकोप बना चिंता का विषय
बांसपहाड़ी गांव में डायरिया फैलने से अब तक एक महिला समेत पितादृपुत्र की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों में बीमारी को लेकर भय का वातावरण है और स्वास्थ्य विभाग की गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मोनासिस मरांडी का अंतिम संस्कार शनिवार को किया गया।





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