आसनबनी मिडिल स्कूल में 55 हजार की वित्तीय अनियमितता
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Aug 23, 2025
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बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा ने प्रधानाध्यापिका से मांगा स्पष्टीकरण
दुमका। रानीश्वर के बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को मध्य विद्यालय आसनबनी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय विकास मद, इको क्लब मद सहित अन्य मदों में विद्यालय को प्राप्त राशि से किए गए व्यय से संबंधित रोकड़ पंजी, स्टॉक पंजी, वाउचर आदि के जांच के दौरान 55 हजार रुपये की वित्तीय अनियमितता पकड़ में आयी है। जांच में पाया गया कि विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमति मधुवाला के द्वारा बड़े पैमाने पर फर्जी वाउचर के माध्यम से राशि की निकासी की गई है। माँ तारा जेनरल स्टोर आसनबनी के नाम से 31,840 रूपया का बिल तैयार कर 9,975 रूपया राशि की निकासी प्रधानाध्यापिका द्वारा अपने निजी बैंक खाते में कर ली गयी और शेष राशि की निकासी नकद रूप में कर ली गयी। इसी प्रकार मेसर्स कम्प्यूटर एजुकेशन के नाम से 35, 170 रूपया अभिश्रव तैयार कर मेसर्स कम्प्यूटर एजुकेशन के बैंक खाते में 17, 150 रूपया का भुगतान किया गया तथा शेष राशि प्रधानाध्यापिका श्रीमति मधुवाला के द्वारा अपने निजी बैंक खाते में भुगतान करा लिया गया। माँ तारा जेनरल स्टोर के विषय में प्रधानाध्यापिका श्रीमति मधुवाला से पूछताछ करने पर उनके द्वारा बताया कि इस दुकान आसनबनी बाजार में स्थित है और दुकान के मालिक का नाम प्रवीण मांझी है। जब बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा ने इस दुकान का निरीक्षण किया तो उस दौरान दुकान में उपस्थित दुकान मालिक प्रवीण मांझी द्वारा बताया गया कि माँ तारा जेनरल स्टोर के नाम से निर्गत अभिश्रव उनका नहीं है और न ही उनके द्वारा किसी प्रकार की सामग्री विद्यालय को उपलब्ध करायी गयी है। दुकान मालिक द्वारा यह भी कहा गया कि कुछ देर पहले मध्य विद्यालय आसनबनी से फोन आया था और कहा गया कि जब बीडीओ साहब दुकान में जाकर पूछेगें तो कह दिजीयेगा कि आपके दुकान का अभिश्रव है।

प्रधानाध्यापक ने नकद राशि का भी लिया है भुगतान
निरीक्षण के क्रम में यह भी पाया गया कि बिल के अनुसार क्रय की गयी सामग्रियों का स्टॉक पंजी में उल्लेख नहीं है। विद्यालय विकास मद सहित अन्य मदों में विद्यालय को प्राप्त राशि से क्या-क्या सामग्री विद्यालय के लिए क्रय किया जाना है, किस माध्यम से किया जाना है, किस दर पर किया जाना है आदि इसका उल्लेख विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक में नहीं है। इसके अतिरिक्त विद्यालय प्रबंधन समिति से संबंधित प्रशिक्षण की संचिका भी उपलब्ध नहीं करायी गयी, जबकि प्रशिक्षण के नाम पर 2408 रूपया की राशि की निकासी की गई है। भुगतान विवरणी से यह भी पता चला कि विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमति मधुवाला द्वारा 27, 383 रूपया अपने निजी बैंक खाते में भुगतान लिया है। इसके अतिरिक्त लगभग 27,000 रूपया से अधिक की राशि की निकासी नकद में की गई है। इस प्रकार एक वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगभग 55,000 रूपया से अधिक राशि की वित्तीय अनियमितता विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमति मधुवाला के द्वारा की गई है, जिसके लिए उन्हें स्पष्टीकरण किया गया है।





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