“आधी रात की चैट: राखी के संदेशों में छिपे सवाल, अब तक अनसुलझी कहानी”, आज पढ़िये दूसरी कड़ी

राखी ने कहा, “मैं किसी को मुँह दिखाने लायक नहीं रही।”
अबतक अपने पढ़ा 19 अक्टूबर की रात 11ः19 बजे से 11ः37 बजे तक पति बिक्रम और उसकी पत्नी राखी के बीच व्हाट्सएप पर क्या-क्या चौट (बात) हुई। राखी और उसके पति बिक्रम के बीच हुई व्हाट्सऐप चैट में राखी ने कहा, “आप दोनों बच्चा को ले जाएं, मेरा बदन में नो कपड़ा, हम नंगे हैं।” बिक्रम बार-बार उसकी लोकेशन पूछते हुए अकेले आने की बात कहता रहा, लेकिन राखी ने कहा, “मैं किसी को मुँह दिखाने लायक नहीं रही।” उसने हंगामे का जिक्र करते हुए पति से बच्चा और मां को ले जाने के लिए भी कहा। आखिर उस रात राखी के साथ क्या हुआ था? सवाल अब भी बरकरार हैं।

“फोन नहीं उठाया, लेकिन चैट पर देती रही जवाब; 19 अक्टूबर की रात क्या हुआ था?”
रात 11ः37 बजे तक राखी और बिक्रम के बीच चैट जारी रही। राखी ने किसी और को साथ नहीं लाने को कहा और जया लोगों को दिखाने की बात कही। बिक्रम बच्चों के बारे में पूछते हुए बार-बार उसकी लोकेशन जानने और फोन उठाने की गुहार लगाता रहा। इसी दौरान राखी ने कहा, “कितना फुसलाकर लाए थे बच्चा सबको” और “मेरा बेइज्जती कोई इंसान नहीं किया है।” इस पर बिक्रम ने पूछा, “तुम्हारी बेइज्जती कौन किया है?”। 19 अक्टूबर की शाम में ही राखी अपने 4 वर्षीय बेटे और 9 वर्षीय भतीजे के साथ दुमका नगर थाना चौक से लापता हो गयी थी। अबतक आधी रात हो चुकी थी। वह फोन नहीं उठा रही थी पर पति के चैट का लगातार जवाब दे रही थी। आखिर उस रात क्या हुआ था, प्रस्तुत है दूसरी कड़ी।

आयुष से बात कराओ, ‘‘सो गया है।’’
बिक्रम (11ः38): सब ठीक हो जाएगा।
बिक्रम (11ः38): चिंता मत करो।
राखी (11ः42): नदी में है।
राखी (11ः42): कौन-सी नदी है, पता नहीं है।
बिक्रम (11ः43): आयुष से बात कराओ, तुमको।
राखी (11ः44): सो गया है।
बिक्रम (11ः44): दोनों का फोटो खींचकर व्हाट्सऐप करो तो।
बिक्रम (11ः45): तुमको कुछ होने नहीं देंगे। तुम फोन उठाओ एक बार।
राखी (11ः47): लेके आईए।
बिक्रम (11ः47): कहाँ लेकर जाएंगे?
राखी (11ः48): कोई नदी है।

क्या हुआ मेरे साथ, बताने नहीं बोल रहा है
बिक्रम (11ः48): किधर होकर गई है, याद है तुमको कुछ?
राखी (11ः49): नदी के अंदर घुसे हैं। घर है वहां।
बिक्रम (11ः49): फोन उठाओ ना, फोन से बात करो। हम समझ जाएंगे कि तुम कहाँ पर हो।
बिक्रम (11ः49): हम अकेले आएंगे, तुम विश्वास करो।
राखी (11ः50): बहुत सारे बच्चे हैं।
बिक्रम (11ः50): बहुत सारे बच्चे क्या कर रहे है?
राखी (11ः50): मैं बोल नहीं पाती।
बिक्रम (11ः51): कितना बच्चा है लगभग वहाँ पर?
राखी (11ः51): बच्चे के साथ खेल रहा है।
राखी (11ः52): पक्का घर है।
बिक्रम (11ः53): कोई दिक्कत हो रहा है क्या तुमको वहाँ पर?
राखी (11ः54): नहीं, क्या हुआ मेरे साथ, बताने नहीं बोल रहा है।




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