2 बच्चों की मौत से पहले पति-पत्नी के बीच व्हाट्सऐप चैट में क्या हुई बात? चौंकाने वाले खुलासे, आज पढ़िए पहली कड़ी

पति बिक्रम सिंह से हुई चैट में सामने आए कई सवाल
दुमका। 19 अक्टूबर की शाम राखी अपने 4 वर्षीय बेटे और 9 वर्षीय भतीजे के साथ दुमका नगर थाना चौक से लापता हो गई थी। 22 अक्टूबर को पुलिस ने गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र के एक कुएं से दोनों बच्चों के शव बरामद किए। पुलिस अनुसंधान के अनुसार, राखी दोनों बच्चों के साथ पैदल निकली थी। आगे वह पहले एक टोटो से कुछ दूर गई और फिर कथित तौर पर 2,200 रुपये में कार किराये पर लेकर पोड़ैयाहाट के बलियाडंगाल के पास पहुंची, जहां कार छोड़ दी। इधर, पत्नी और बच्चों का पता नहीं चलने से पति बिक्रम सिंह परेशान था। राखी के पास मोबाइल फोन था, लेकिन वह कॉल पर बात नहीं कर रही थी। इसके बाद बिक्रम ने व्हाट्सऐप पर उससे चैट करना शुरू किया। 19 अक्टूबर की रात दोनों के बीच हुई बातचीत में कई ऐसे संदेश सामने आए, जिनसे घटना के दौरान की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठते हैं। इस चैट को 3 कड़ियों में प्रस्तुत किया जा रहा है। पेश है पहली कड़ी। (रात 11:19 बजे से 11:37 बजे तक की चैट)

मैं किसी को मुँह दिखाने लायक नहीं रही।
राखी (11ः19): आप दोनों बच्चा को ले जाएं, मेरा बदन में नो कपड़ा। हम नंगे हैं।
बिक्रम (11ः21): कहाँ है?
राखी (11ः22): हमको भी नहीं पता, मेरे साथ ऐसे क्या हुआ।
बिक्रम (11ः23): अरे, कहाँ है? हम आ रहे हैं, बोलो ना कहाँ है।
राखी (11ः24): बड़ा आदमी को लेकर मत आए।
बिक्रम (11ः24): ठीक है, बोलो। हम अकेले आएंगे। कहाँ है, बोलो।
राखी (11ः26): मैं किसी को मुँह दिखाने लायक नहीं रही।
बिक्रम (11ः26): अरे, कहाँ है? ठीक है, जो भी हुआ, होने दो। हम आ रहे हैं, कहाँ है, बोलो।
राखी (11ः27): पूरा हल्ला कर रहे हैं।
राखी (11ः28): बच्चा और माँ को ले के आइए।
बिक्रम (11ः29): अरे, जो भी हुआ, क्या हम आ रहे हैं? कहाँ है बोलो तुम।

कितना फुसलाकर लाए थे बच्चा सबको।
राखी (11ः29): मत लेकर आईए, इसके अलावा किसी को।
बिक्रम (11ः30): तुम चिंता मत करो। हम अकेले आएंगे, तुम्हें कुछ नहीं होगा। तुम बताओ, कहाँ पर हो?
राखी (11ः32): जया लोगों को एक बार दिखा दीजिए हमको।
बिक्रम (11ः32): दोनों बाबू कहाँ हैं? बोलो, लेकर आ रहे हैं, जया सबको।
बिक्रम (11ः33): जया सबको लेकर आ रहे हैं। कहाँ पर हो, तुम बोलो तो।
राखी (11ः34): कितना फुसलाकर लाए थे बच्चा सबको।
बिक्रम (11ः34): अरे, जया, छोटी रो रही है। कहाँ है, बोलो ना। वहाँ आ रहे हैं, तुम्हारे पास हम।
बिक्रम (11ः36): एक बार फोन उठाओ, तुम ठीक हो?
बिक्रम (11ः36): हम अकेले हैं, एक बार फोन उठाओ तुम।
बिक्रम (11ः37): जो भी हुआ है, सब ठीक हो जाएगा।
राखी (11ः37): मेरा बेईजत्ती कोई इन्सान नहीं किया है।
बिक्रम (11ः37): तुम्हारी बेईज्जती कौन किया है?




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