दुमका जिले के 34 भगोड़े चिकित्सकों पर कार्रवाई की तैयारी

स्वास्थ्य विभाग की सूची में लंबे समय से सेवा में नहीं होने की रिपोर्ट वाले चिकित्सकों के नाम
34 चिकित्सकों से मांगा गया सेवा में कार्यरत होने का दावा: दुमका जिले के सदर अस्पताल सहित विभिन्न प्रखंडों के स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थापित 34 चिकित्सकों के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से जारी सूची में क्रम संख्या 98 से 131 तक दुमका जिले के चिकित्सकों के नाम शामिल हैं। झारखंड लोक सेवा आयोग के विभिन्न विज्ञापनों के तहत अनुशंसित इन चिकित्सकों को चिकित्सा पदाधिकारी के रूप में सदर अस्पताल और विभिन्न प्राथमिक एवं अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थापित किया गया था। बाद में वरीयता सूची तैयार करने के दौरान जिले से रिपोर्ट मिली कि सूची में शामिल कई चिकित्सक वर्तमान में सेवा में कार्यरत नहीं हैं। इसके बाद विभाग ने संबंधित चिकित्सकों को 15 दिनों के भीतर सेवा में कार्यरत होने का दावा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। निर्धारित अवधि में दावा नहीं देने पर उनके नाम सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

सदर अस्पताल और प्रखंडों के स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थापना
स्वास्थ्य विभाग ने दुमका सदर अस्पताल सहित जिले के विभिन्न सामुदायिक और अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 19 चिकित्सकों की पदस्थापना की है। विभागीय सूची के अनुसार, सदर अस्पताल में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. संतोष कुमार साह और डॉ. लीना कुमारी, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. समीर कुमार साह और डॉ. सुदीप केशव मिश्रा तथा हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव कुमार राकेश को पदस्थापित किया गया है। इनके अलावा डॉ. कुमार बागीश को मेडिकल अधिकारी के रूप में सदर अस्पताल में पदस्थापित किया गया है। विभाग ने सभी संबंधित चिकित्सकों को सूचना जारी होने के 15 दिनों के भीतर निर्धारित पदस्थापन स्थल पर योगदान देने का निर्देश दिया है। समयसीमा में योगदान नहीं देने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

जरमुंडी, रामगढ़, जामा समेत अन्य केंद्रों में भी नियुक्ति
विभागीय सूची के अनुसार, डॉ. महेंद्र कुमार और डॉ. रत्नेश कुमार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जरमुंडी, डॉ. प्रेरणा जे. केरकेट्टा और डॉ. मंजू टिर्की को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामगढ़ तथा डॉ. उमेश उरांव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिकारीपाड़ा में पदस्थापित किया गया है। डॉ. अमित कुमार गुप्ता, डॉ. अहरार हसन और डॉ. सोनू कुमार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जामा में जिम्मेदारी दी गई है। डॉ. क्षितिज सिन्हा को अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नरगंज, डॉ. मंगेर इमाम को लक्ष्मीपुर और डॉ. चेतन कुमार को कोरैया में पदस्थापित किया गया है। विभाग का निर्देश है कि सभी चिकित्सक निर्धारित समयसीमा में योगदान सुनिश्चित करें।

34 चिकित्सकों की सूची में कई प्रखंडों के नाम
विभाग की सूची में डॉ. अभयांचल किशोर झा, डॉ. अलका लकड़ा, डॉ. आलोक तिर्की, डॉ. आशान इमाम, डॉ. अशोक कुमार गुप्ता, डॉ. बिपिन कुमार, डॉ. गीता रानी, डॉ. कमलेश्वर मरांडी, डॉ. किशोर मंडल, डॉ. कुमार शीतांशु महां, डॉ. मनोज प्रताप डुंगडुंग, डॉ. नरेश कुमार मुंडा, डॉ. नील पंकज, डॉ. निशा राय, डॉ. नितिन, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. पिंकी कुमारी, डॉ. प्रभात कुमार केसरी, डॉ. पुरुषोत्तम कुमार, डॉ. राधा रमण, डॉ. राहुल कुमार, डॉ. रामेश्वर बेक, डॉ. रीना गोडसोरा, डॉ. रोहित कुमार चौधरी, डॉ. रूबी कुमारी, डॉ. संदीप महापात्रा, डॉ. संजय कुमार, डॉ. सर्वेश कुमार झा, डॉ. शशि भूषण प्रसाद, डॉ. शिशिर कुमार महतो, डॉ. सिमल मार्डी, डॉ. सोमा उरांव, डॉ. तुलिका प्रिया और डॉ. विकास उरांव के नाम शामिल हैं। इनकी सूची में जरमुंडी, रानीश्वर, गोपीकांदर, जामा, रामगढ़, काठीकुंड, शिकारीपाड़ा, नोनीहाट, सदर अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थापना का उल्लेख है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा विभागीय कार्रवाई का असर
एक ओर विभाग ने 34 चिकित्सकों से सेवा में कार्यरत होने का दावा मांगा है, वहीं दूसरी ओर जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में 19 चिकित्सकों की नई पदस्थापना की गई है। विभाग की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, पहले से सूचीबद्ध चिकित्सकों को 15 दिनों में अपनी सेवा की स्थिति स्पष्ट करनी होगी और नवपदस्थापित चिकित्सकों को भी निर्धारित अवधि में योगदान देना होगा। अब यह देखना होगा कि संबंधित चिकित्सक समयसीमा के भीतर दावा और योगदान प्रस्तुत करते हैं या नहीं तथा विभाग आगे क्या कार्रवाई करता है।





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