आखिरकार पकड़ा गया आतंक का पर्याय बना जंगली बंदर
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Oct 8, 2025
- 2 min read

दुमका से बासुकीनाथ तक कई लोगों को कर चुका है घायल
दुमका। पिछले 10 दिनों से बासुकीनाथ और जरमुंडी में आतंक का पर्याय बने बैठे जुल्मी जंगली बंदर को आखिरकार पकड़ लिया गया जिससे आम जनों ने राहत की सांस ली है। उपद्रवी लंगूर को कई दिनों के भारी मशक्कत के बाद बुधवार को जरमुंडी स्थित एक घर से वन विभाग के रेस्क्यू टीम ने धर दबोचा। इस बंदर ने बासुकीनाथ से लेकर दुमका में कई लोगों को काटकर घायल कर दिया था। वह रास्ते में जानेवाले लोगों पर पीछे से हमला कर देता और बाइक भी गिरा देता था। उसके अच्छे व्यवहार वाले कुछ वीडियो भी सोसल मीडिया में वायरल हुए थे।

एक घर में घुस गया था बंदर
बताया गया कि रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान लोगों के जान का जंजाल बना यह बंदर घर में जा घुसा था जिसे रेस्क्यू टीम द्वारा पिंजरा और जाल की मदद से सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया गया। इससे पहले वन विभाग के राहत अभियान दल द्वारा नगर पंचायत बासुकीनाथ के विभिन्न स्थलों पर लंगूर पकड़ने की कार्रवाई को अंजाम दिया पर सफलता नहीं मिली। आखिरकार वन विभाग के राहत अभियान दल की कवायद लगातार जारी रही और दर्जनों लोगों के जीवन को संकट में डालने वाले जंगली बंदर से लोगों को निजात मिल गया।

त्रिकूट पर्वत पर इंसानों पर बंदर का हमला, युवक हुआ घायल
दुमका। तीर्थ नगरी बासुकीनाथ से सटे पर्वतीय पर्यटन स्थल त्रिकूट पर्वत और उसके आसपास बुधवार को बंदरों ने कोहराम मचाए रखा। गुस्साए बंदरों के जमात ने एक स्थानीय युवक पर अचानक हमला बोल दिया। इस हमले में तीनधरा निवासी अजय सिंह (20 वर्ष) घायल हो गया। उसे जरमुंडी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर दिव्यांशु ने प्राथमिक चिकित्सा के बाद घर भेज दिया।





Comments