अंतिम सोमवारी पर बासुकीनाथ में उमड़ा आस्था का सैलाब, 1,55,206 श्रद्धालुओं ने किया जलार्पण
- SANTHAL PARGANA KHABAR
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शाम 5 बजे तक 1.55 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक
दुमका। राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव-2026 के चौथे एवं अंतिम सोमवारी पर बाबा बासुकीनाथ के दरबार में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। शाम 5 बजे तक कुल 1,55,206 श्रद्धालुओं ने जलार्पण किया, जबकि शीघ्रदर्शनम व्यवस्था के माध्यम से 2,050 श्रद्धालुओं ने बाबा का जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुबह से ही अर्घा के माध्यम से कतारबद्ध और सुगम जलार्पण की व्यवस्था की गई। मंदिर परिसर और पूरे मेला क्षेत्र में प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं सूचना सहायता से जुड़ी टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात रहीं।

3,648 डाक कांवरियों ने भी किया जलाभिषेक
अंतिम सोमवारी पर 3,648 डाक कांवरियों ने भी बाबा बासुकीनाथ का जलाभिषेक किया। हंसडीहा प्रशासनिक शिविर से इतने ही डाक कांवरियों को टोकन जारी किए गए, जिनमें महिला कांवरियों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। देर रात से ही हंसडीहा में डाक कांवरियों की भारी भीड़ जुटने लगी और बोल-बम के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा।

रातभर डटे रहे अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी
अंचलाधिकारी राहुल कुमार शानू एवं थाना प्रभारी अजित यादव रातभर हंसडीहा प्रशासनिक शिविर में रहकर डाक कांवरियों की आवाजाही, टोकन वितरण और यातायात व्यवस्था की निगरानी करते रहे। कांवरियों की भारी भीड़ के बीच प्रशासनिक अधिकारियों ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों और अन्य प्रतिनियुक्त कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

डीसी ने कंट्रोल रूम से देखी मेला व्यवस्था
उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने अंतिम सोमवारी पर बासुकीनाथ पहुंचकर कंट्रोल रूम से सीसीटीवी के माध्यम से पूरे मेला क्षेत्र की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने श्रद्धालुओं की भीड़, कतार, जलार्पण और विधि-व्यवस्था की लगातार निगरानी करते हुए पदाधिकारियों को जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मेडिकल टीम, सफाई कर्मियों, सूचना सहायता केंद्रों और अन्य प्रतिनियुक्त कर्मियों की सक्रियता की भी समीक्षा की गई।

एनडीआरएफ भी रही अलर्ट मोड में
उपायुक्त ने शिवगंगा क्षेत्र में तैनात एनडीआरएफ की टीम को भी अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि अंतिम सोमवारी पर संभावित भारी भीड़ को देखते हुए मेला क्षेत्र में व्यापक इंतजाम किए गए हैं। दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी लगातार भ्रमणशील रहकर भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं।




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