अभियन्ता की मौत को परिजनों ने बताया हत्या


साथ में रहनेवाले विवेक कुमार समेत तीन पर जताया शक , तीन डाक्टरों के मेडिकल बोर्ड ने किया शव का पोस्टमार्टम


दुमका । शहर के दुधानी स्थित एएन कालेज परिसर के एक किराया के मकान में फांसी से लटके पाये गये बोकारो के सिविल इंजीनियर सुजीत चंद्र दे के भाई सूरज देव कुमार ने इसे साजिश के तहत हत्या करार देते हुए नगर थाना में लिखित आवेदन दिया है। परिजनों द्वारा हत्या की आशंका जताये जाने के कारण मेडिकल कालेज अस्पताल के तीन डाक्टरों के मेडिकल टीम से शुक्रवार को इंजिनियर के शव का पोस्टमार्टम करवा गया। भाई ने मृतक के साथ दूसरे कमरे में रहने वाले सहयोगी विवेक कुमार के अलावा दो पर्यवेक्षक लक्ष्मण लाल व सचिन कुमार पर हत्या करने का आरोप लगाते हुए नगर थाना में आवेदन दिया है। मौत की खबर मिलने के बाद गुरूवार की रात को ही भाई सूरज देव कुमार के अलावा गांव के कई लोग दुमका पहुंच गये थे। मृतक की पत्नी उपासना भी साथ आई लेकिन हालत खराब होने की वजह से उसे एक परिचित के घर में रख दिया गया। भाई सूरज ने कहा कि छोटा भाई किसी भी हाल में जान नहीं दे सकता है। वह लोगों को रास्ता दिखाता था। एक माह पहले ही उसकी शादी हुई थी। शादी के बाद काफी खुश था। भाई उसे समय-समय पर सूचना देता था कि कंपनी के मालिक के कहने पर उन्हीं के कंपनी के लक्ष्मण लाल, विवेक कुमार और सचिव कुमार उसे प्रताड़ित किया करते थे। जिस कारण उन्होंने कंपनी को छोड़ने का मन बना लिया था और जल्द ही वह कंपनी छोड़ने वाले थे। भाई ने कहा कि बीपी निर्माण कंपनी के मालिक को बुलाया जाए। सहायक अवर निरीक्षक छेदी खान ने मालिक भीम कुमार से बात की तो उसने कहा कि अभी वह दिल्ली में हैं, बोकारो जाकर परिवार से मुलाकात करेंगे। नगर थाना प्रभारी देवव्रत पोददार ने बताया कि परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। अभी यूडी केस दर्ज किया गया है। अगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या जैसी बात सामने आती है तो फिर उसी के आधार पर आगे का अनुसंधान किया जाएगा।


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