मदर्स डे पर समाजसेवी सच्चिदानंद ने लिया संकल्प,जरूरत मंद महिलाओं को दिलाएंगे उनका हक


दुमका. मदर डे के अवसर पर सामाज सेवी सच्चिदानंद सोरेन ने ग्रामीण क्षेत्र की जरूरत मंद बुजुर्ग महिलाओ के बीच साड़ी और चावल का वितरण कर किया. 8 मई को को पूरे विश्व मे मदर डे मनाया जाता है. समाज सेवी सचिदानंद अपने स्वगीय माता रुक्मणी हेम्ब्रम के स्मृति में ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के बीच पहुंचकर उनके बीच खुशियां बांट कर मदर्स डे मनाया।

सचिदानंद ने बताया कि जरूरतमंदों के बीच पहुंचकर मन को सुकून मिलता है मदर्स डे जैसे मौके को सिर्फ शहरी क्षेत्र में ही लोग जानते हैं हमारी मां आज हमारे बीच नहीं है ऐसे में इन लोगों का साथ उनकी कमी के एहसास को कम करती है


उन्हों ने कहा कि तालामय मुर्मू, दुमका प्रखंड पकड़डीहा गांव की रहने वाली हैं इन्हें विधवा पेंशन या बुजुर्ग पेंशन नही मिलता है।

चूबुय हेम्ब्रम भी दुमका प्रखंड के पाथरपानी,गांव की है इन्हें किसी तरह का पेंशन लाभ नही मिल रहा है और राशन कार्ड भी नही है जिस कारण राशन नही मिल रहा है उन्होंने कहा कि ऐसे ही महिलाओं के साथ मदर्स डे बनाए जिन्हें वास्तविक जरूरत थी मदद की जिन्हें किसी भी तरह का सरकारी लाभ नहीं मिल रहा था साथ ही उन्होंने कहा कि माताओं को सभी सुविधाएं दिलाने के लिए मैंने इस मदर डे पर संकल्प लिया है.




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