जानिये डीसी ने क्यों रोक दिया काठीकुण्ड की महिला सुपरवाइजर का वेतन

दुमका। काठीकुंड प्रखंड की एक महिला पर्यवेक्षिका के पोषण ट्रैकर में आंगनबाड़ी विजिट की संख्या कम पाए जाने पर उपायुक्त ने उनका वेतन अगले आदेश तक स्थगित करने का निर्देश दिया। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी आंगनबाड़ी केंद्र के बंद होने की सूचना मिलती है, तो संबंधित सेविका, सहायिका और पर्यवेक्षिका पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा वीडियो कॉल के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों की उपस्थिति जांचने के लिए गठित कोषांग को भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र बंद मिले या कोई कर्मी अनुपस्थित पाए जाए, तो तत्काल सूचना दें ताकि नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सके। 28 जून को हुए बैठक में डीसी ने यह भी निर्देश दिया गया कि सभी पूर्ण हो चुके आंगनबाड़ी केंद्रों का स्थल निरीक्षण कर हैंडओवर प्रक्रिया पूर्ण की जाए। नव चयनित सेविकाओं को पोषण ट्रैकर ऐप का उपयोग सिखाने हेतु प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। साथ ही प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भी समुचित प्रशिक्षण का आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी सीडीपीओ अपने-अपने क्षेत्रों में सेविका-सहायिका के रिक्त पदों के चयन हेतु ग्रामसभा/आमसभा का आयोजन सुनिश्चित करें। उन्होंने ‘सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना’ के तहत ई-विद्या वाहिनी पोर्टल पर दर्ज छात्राओं के डाटा का प्रभावी उपयोग कर लाभुक चयन का आदेश दिया। पोषण जागरूकता पर भी जोर देते हुए उपायुक्त ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिका विकसित करने का निर्देश दिया, जिससे बच्चों को ताजा और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली और स्वच्छ पेयजल की अनिवार्य व्यवस्था हो।




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