दुमका में वाहन जांच के दौरान ड्राइवर ने बीडीओ को मार कर माथा फोड़ा, मामला दर्ज



दुमका. गोपीकांदर दरोगा के साथ मारपीट की घटना के बाद अब बीडीओ सह अंचल पदाधिकारी के साथ भी शनिवार को जमकर मारपीट हुई है. चालक और बीडीओ के बीच हुई मारपीट में दोनों के सिर फट गया है. गोपीकांदर पुलिस के सहयोग से दोनों को सीएचसी में भर्ती कराया जहां प्राथमिक इलाज के बाद चालक को बेहतर इलाज के लिए डीएमसीएच भेज दिया है. मारपीट मामले को लेकर बीडीओ अनन्त कुमार झा ने थाना में आवेदन दिया है. थाना प्रभारी नित्यानंद भोक्ता ने बताया कि बीडीओ अनन्त कुमार झा द्वारा मारपीट को लेकर आवेदन प्राप्त हुआ है. दूसरे पक्ष चालक रंजीत मिश्रा उर्फ मदन का भी बयान लेना है. दोनों तरफ से प्राथमिकी दर्ज किया जाएगा. फिलहाल चालक को इलाज के लिए दुमका भेजा गया है. बयान लेने के बाद ही प्राथमिकी दर्ज किया जाएगा. यहां बता दें कि चार वर्ष पूर्व भी तत्कालीन दारोगा प्रमोद रंजन और गोपीकांदर गांव के ग्रामीणों के बीच जमकर मारपीट हुई थी. इस मारपीट में ईंट पत्थर तक चल गया था. मारपीट की घटना गोपीकांदर चौक में ही हुई थी।


जानकारी के मुताबिक शनिवार को सुबह 9 बजे से गोपीकांदर थाना के सामने लगाए गये चेक पोस्ट पर वाहन जाँच चल रही थी. चुनाव को लेकर चार पहिया वाहनों का सीजर लिस्ट काटा जा रहा था. शनिवार दोपहर में चेकपोस्ट पर बीडीओ सह सीओ अनन्त कुमार झा खुद मौजूद थे. खरौनी बाजार के रंजीत मिश्रा बोलेरो लेकर गोपीकांदर जा रहा था. चेकपोस्ट पर जब बीडीओ ने वाहन को रुकने का इशारा किया तो चालक ने गाड़ी नहीं रोकी और आगे बढ़ गया. बीडीओ ने अपने निजी वाहन से बोलेरो का पीछा किया और गोपीकांदर चौक पर वाहन को ओवरटेक कर रोक लिया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बीडीओ ने बोलेरो चालक से पूछा कि हाथ देने के बावजूद आखिर उसने गाड़ी जांच के लिए क्यों नहीं रोकी तो चालक रंजीत मिश्रा उनसे उलझ गया. इसपर चालक ने बीडीओ को दो जोरदार थप्पड़ जड़ दिया. इतना ही नहीं चालक ने हाथ में चाबी लेकर बीडीओ के सिर और चेहरे पर कई वार कर दिया. इस हमले में बीडीओ के सिर, नाक और कान से खून निकलने लगा. वाहन चालक ने बीडीओ को भद्दी-भद्दी गालियां भी दी. इसपर बीडीओ अनंत कुमार झा ने भी अपना आपा खो दिया और एक लकड़ी लेकर चालक रंजीत मिश्रा के सिर पर वार कर दिया जिससे चालक का भी सिर फट गया. बीडीओ और चालक के बीच गोपीकांदर चौक पर शनिवार के दोपहर में हुए मारपीट की इस घटना का नजारा वहां मौजूद लोग मूकदर्शक बनकर देखते रहे. बीच-बचाव करने कोई नहीं आया. कहासुनी से लेकर मारपीट की घटना बीच सड़क पर हुई. यदि बीच-बचाव किया जाता तो मामला मारपीट तक नहीं बढ़ता.


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