चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के अधिवेशन में दुमका पर भी चर्चा हुई, उपराजधानी सिर्फ नाम की
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Jul 20
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ईस्टर्न झारखंड चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज का साहिबगंज में हुआ अधिवेशन
साहिबगंज। संवाददाता। ईस्टर्न झारखंड चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के तत्वाधान में 20 जुलाई को साहिबगंज के ज़िला परिषद स्थित बैंक्वेट हॉल में फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर आफ कमर्स एंड इंडस्ट्रीज का संथाल परगना क्षेत्रीय अधिवेशन आयोजित किया गया जिसकी अध्यक्षता ज़िला अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने किया। दुमका चेंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मो मुश्ताक अली खोकन, सचिव डा मनोज घोष ने अपने संबोधन में कहा कि दुमका महज नाम की उपराजधानी है। सरकार ने अबतक उपराजधानी के मुताबिक दुमका का विकास नहीं किया है जिस कारण वहां उद्योग और व्यवसाय का को आगे बढ़ानंे का माहौल नहीं है। आयोजन स्थल जाने के पूर्व सभी ने महात्मा गांधी स्मारक, शहीद चौक आदि पर जाकर माल्यार्पण किया और नगर भ्रमण करते आयोजन स्थल एक साथ पहुंचे। अधिवेशन को संबोधित करते हुए ज़िला अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने कहा कि राज्य का ऐसा जिला जहां से मां गंगा बहती है। दूसरी तरफ़ राजमहल की पहाड़ी प्रकृति रूप से इसे संवारती है। लेकिन इसके बावजूद साहिबगंज ज़िला उद्योग व व्यवसाय में पिछड़ा है। आज़ादी के पहले साहिबगंज एक विकसित इलाका था। आज़ादी के बाद जिला पिछड़ता चला गया। व्यवसाय के लोग दूसरी जगह पलायन कर गए।हालांकि बाहर गए यहां के लोग आज भी यहां अपना व्यवसाय करने के लिए लालायित हैं। यहां खनिज प्रचूर मात्रा में जिससे सरकार को राजस्व मिलेगा वहीं व्यवसाय व उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। यहां पर्यटन की असीम संभावना है। अंतरराष्ट्रीय रामसर साइट, फॉसिल्स पार्क व अन्य ऐतिहासिक स्थल मौजूद हैं। गंगा पुल बन रहा है। बंदरगाह का विकास जारी है। साहिबगंज पर्यटन उद्योग के रूप में विकसित हो सकता है। साहिबगंज मकई उत्पादन में राज्य में पांचवे स्थान पर है। यहां अगर उद्योग लगे तो बहुत सारे प्रोडक्ट की संभावना है। इससे क्षेत्र के किसानों, व्यापारियों व व्यवसायियों के साथ जनता को लाभ होगा। लेकिन दिक्कत यहां ज़मीन की भी है। औद्योगिक क्षेत्र नहीं होने से समस्या आ रही है।

एसपीटी एक्ट के चलते उद्योग के लिए ज़मीन नहीं, बैंक लोन नहीं देता
राजेश अग्रवाल ने कहा कि मनगढ़ंत व एसपीटी एक्ट के चलते उद्योग के लिए ज़मीन नहीं। बैंक लोन नहीं देता। इस दिशा में उन्होंने पीएम, सीएम से लेकर मंत्रियों को पत्राचार किया। लेकिन सरकार ने अभी तक साहिबगंज को मनगढ़ंत खासमहाल से मुक्त नहीं किया। सरकार यहां यातायात की सुविधा बस व रेल की समुचित व्यवस्था नहीं कर रही। चैंबर की कोई नहीं सुनता। गंगा का पानी गोड्डा चला गया लेकिन यहां के लोग प्यासे हैं। नालियां साफ नहीं होती हैं। नगर परिषद कोई सुध नहीं लेता। ताज्जुब है नगर परिषद को पुरुस्कार दिया क्यों जा रहा है। स्वास्थ्य के लिए भी यहां सही व्यवस्था नहीं। पदाधिकारियों को दिए जाने वाले पात्र का कोई जवाब नहीं मिलता। उन्होंने एफजेसीसीआई से अनुरोध किया कि साहिबगंज को खासमहाल से मुक्त कराने की पहल कर इसे अन्य बड़े शहरों की तरह विकसित करने में सहयोग करे। राजेश अग्रवाल में अव्यवहारिक टेंडर हुआ है। नगर परिषद में शुल्क वसूली के नाम पर व्यपारियों को तंग किया जा रहा है। शहर में माल लेकर आने वाले वाहनों से इंट्री के नाम पर 200 रुपया लिया जा रहा है। शहर में 12 घंटा नो इंट्री है। पुनः वाहन की वापसी पर उनसे 200 वसूला जा रहा है। शहर के मध्य में 50-100 रुपया वसूला जा रहा है। बाहर से सामान लेकर कोई वाहन यहां आना नहीं चाहता।
आजीवन सदस्य बननेवालों को प्रदेश अध्यक्ष ने सौंपा प्रशस्ति पत्र
चैंबर अध्यक्ष राजेश अग्रवाल के एफजेसीसीआई का आजीवन सदस्य बनने पर प्रदेश अध्यक्ष ने उन्हें प्रशस्ति पत्र सौंपा। नवीन भगत सहित कई अन्य सदस्यों ने आजीवन सदस्यता के लिए शुल्क का चेक समर्पित किया। अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में फेडरेशन के अध्यक्ष परेश गटानी, महासचिव आदित्य मल्होत्रा, सहसचिव विकास विजयवर्गीय, कोषाध्यक्ष रोहित अग्रवाल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रमोद शास्वत, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी, प्रदीप अग्रवाल, संजय अग्रवाल, पूर्व क्षेत्रीय उपाध्यक्ष प्रीतम गाड़िया, देवघर अध्यक्ष ग़ोपाल कृष्ण शर्मा, निरंजन कुमार सिंह, रवि केसरी, पाकुड़ के संजीव खत्री, गोड्डा के सचिव मो कामरान, ंरक्षक संरक्षक सज्जन पोद्दार, आफताब आलम, सुनील भरतिया, नवीन भगत, उपाध्यक्ष मोहित बेगराजका, महासचिव अंकित केजरीवाल, सह सचिव जाहिद खान, कोषाध्यक्ष विवेक कुमार, उप कोषाध्यक्ष राहुल जायसवाल राकेश गुप्ता आदि शामिल हुए।










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