उप राजधानी में धनतेरस पर बाजार में उमड़ी भीड़,बर्तन और ज्वेलरी दुकानों में जम कर हुई खरीददारी


दुमका। धनतेरस के मौके पर मंगलवार को बाजार में भारी भीड़ उमड़ी। लगातार दूसरे साल कोरोना की मार का असर धनतेरस के बाजार पर साफ देखा गया। पिछले साल के मुकाबले इस साल फर्नीचर, मोबाइल और एलेक्ट्रोनिक दुकानों में अपेक्षाकृत कम ग्राहक आये। लोगों ने ’चांदी के सिक्के’, सोना का बिस्कुट, ट्रक के चेसिस, कार, बाईक, स्कूटी, स्टील अलमीरा, फ्रीज, वाशिंग मशीन, वाटर प्युरीफायर, सिलाई मशीन से लेकर पीतल, स्टील के बर्तनों की खरीददारी कर सदियों से चली आ रही परंपरा का निर्वहन किया।

बर्तन और आभूषणों की दूकानें बहुत हीं रोचक ढंग से सजायी गयी थी। ज्वेलरी दुकानों के बाहर पुलिस बल को तैनात किया गया था। नगर थाना पुलिस ने जगह-जगह बैरिकेटिंग लगा कर बड़े वाहनों का मुख्य प्रवेश में प्रवेश रोक रखा था, बावजूइ इसके जगह-जगह जाम की स्थिति देखी गयी। बर्तन दुकानों में भी ग्राहकों की भारी भीड़ लगी रही। लोगों ने देर रात तक अपनी जरुरत के मुताबिक बर्तन खरीदे। हालांकि अब पीतल के बजाय लोग स्टील के ही बर्तन की खरीददारी पर ज्यादा जोर दे रहे है। रोज के इस्तेमाल के बर्तन के साथ ही पूजा में इस्तेमाल होनेवाले बर्तनों की भी काफी मांग देखी गयी।

झाडू खरीदने की थी होड़

दुमका। धनतेरस के मौके पर झाडू खरीदने की भी परंपरा है। सुबह से झाड़ू की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखी गयी। कई जगहों पर खाट बिछा कर झाड़ू बेचे जा रहे थे। आमतौर पर लोग एक फुल और एक नारियल झाड़ू सहित दो-दो झाड़ु खरीदते देखे गये। इसके अलावा लोग धनिया, कच्चा हल्दी, लाल कपड़ा एवं अन्य पूजन सामग्री खरीदते भी देखे गये। धनतेरस पर चांदी और सोना के सिक्कों को खरीदना शुभ माना जाता है। धनतेरस पर 0.25 ग्राम से लेकर 1 ग्राम तक के सोने के सिक्के की खुब बिक्री हुई। लोगों ने जेवरात की भी खरीददारी की। इसके अलावा चांदी और सोने से निर्मित लक्ष्मी एवं गणेश मूर्तियां, गिलास और कटोरियां भी खरीदी गयी।







122 views0 comments