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नावालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ ओर मारपीट करनेवाला ऑटो चालक गिरफ्तार


घटना के 18 दिनों के बाद सरैयाहाट से पकड़ा गया पीयूष मिर्धा

दुमका। जिले के जरमुण्डी थाना क्षेत्र की 14 वर्षीय किशोरी के साथ छेड़खानी व दुष्कर्म का प्रयास करने और प्रतिरोध करने पर लाठी से मारकर उसकी जांग तोड़ कर गंभीर हालत में मुफस्सिल थाना क्षेत्र में फेंक देने वाले ऑटो चालक को जरमुण्डी पुलिस ने घटना के 18 दिनों बाद आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी दयानंद साह ने बताया कि अभियुक्त चितरंजन मिर्धा उर्फ पीयूष मिर्धा (19 वर्ष) दुमका के दिग्गी ओपी (यूनिवर्सिटी) इलाके का रहनेवाला है। यह वही थाना क्षेत्र है जिसके श्रीअमड़ा गांव में रानीश्वर की एक किशोरी को गर्भवती करने के बाद अरमान अंसारी नामक राजमिस्त्री ने हत्या कर उसके शव को पेड़ से लटका दिया था। जरमुण्डी थानेदान ने बताया कि ऑटो चालक पियुष को सरैयाहाट थाना क्षेत्र के रौंधिया से गिरफ्तार किया गया है। उसके पास से पीड़िता का छीना हुआ सैमसंग मोबाइल और एयरटेल का 2 सिमकार्ड भी बरामद किया गया है। उन्होंने बताया कि पीड़िता के फर्द बयान पर जरमुंडी थाना कांड संख्या 74/22 आईपीसी की धारा 323, 341, 325, 354, 379 एवं पोक्सो एक्ट की धारा 12 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस कांड के उद्भेदन के लिए उनके नेतृत्व में एक छापामारी दल का गठन किया गया। पीड़िता के मोबाइल के लोकेसन के आधार पर अभियुक्त को चिन्हित किया गया और मोबाईल मराद कर लिया गया पर अभियुक्त फरार हो गया। अंततः उसे गिरफ्तार करने में सफलता मिला। यहां बता दें कि 14 वर्षीय किशोरी 20 अगस्त की शाम रामगढ़ स्थित अपने फूफा के घर जाने के लिए बासुकीनाथ बस स्टैण्ड पहुंची थी। वह एक ऑटो में सवार हुई जिसमें पहले से एक लड़की बैठी थी। आधे घंटे बाद चालक ने ऑटो को एक सुनसान जगह पर रोक दिया और दोनों के साथ छेड़खानी करने लगा। मौके देखकर युवती ऑटो से भाग गयी। छेड़खानी और दुष्कर्म के प्रयास का प्रतिरोध करने पर ऑटो चालक ने उसे डंडे से मारकर उसका जांघ तोड़ अधमरा कर दिया, 600 रुपये और मोबाईल छीन लिया और मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मुड़ाबहाल इलाके में सड़क किनारे फेंक कर भाग गया। रातभर वह वहीं पड़ी रही। 21 अगस्त की सुबह वह पैर को घसीटते हुए सड़क तक आयी और लोगों से मदद की गुहार लगायी। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती करवाया था। बाल कल्याण समिति ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया था और पीड़िता का निःशुल्क ऑपरेशन भी करवाया था। मौके पर पुलिस अवर निरीक्षक अनुज कुमार सिंह एसआई उमेश कश्यप भी उपस्थित थे।


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