रील बनाने के दौरान चेकडैम में डूबे दो स्कूली छात्र, चार घंटे बाद मिले शव
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- 2 days ago
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दुमका । हंसडीहा थाना क्षेत्र के हथगढ़ स्थित धोबई नदी के चेकडैम में रविवार को सोशल मीडिया के लिए रील बनाने के दौरान दो स्कूली छात्रों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान हथगढ़ निवासी संतोष मंडल के 16 वर्षीय पुत्र रमन मंडल और तेतरिया गांव निवासी राजेंद्र सिंह के 15 वर्षीय पुत्र उमेश कुमार के रूप में हुई है। दोनों छात्र अपने कुछ दोस्तों के साथ चेकडैम पहुंचे थे। इसी दौरान उमेश रील बनाने के लिए पानी में उतरा और गहरे पानी में चला गया। उसे डूबता देख रमन उसे बचाने के लिए पानी में कूद गया, लेकिन तेज धारा में वह भी फंस गया और दोनों डूब गए।

दोस्त को बचाने के प्रयास में रमन भी डूबा
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार उमेश के पानी में जाने के दौरान उसके दोस्त मोबाइल फोन से रील बना रहे थे। अचानक उमेश गहरे पानी में चला गया और काफी देर तक बाहर नहीं आया। उसे बचाने के लिए रमन ने बिना अपनी जान की परवाह किए पानी में छलांग लगा दी, लेकिन तेज धारा के कारण वह भी संभल नहीं सका। दोनों के डूबने की सूचना साथियों ने आसपास के लोगों और पुलिस को दी।

चार घंटे की तलाश के बाद मिले दोनों शव
घटना की सूचना मिलते ही अंचलाधिकारी राहुल कुमार शानू और थाना प्रभारी अजीत यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय तैराकों की मदद से चेकडैम में दोनों छात्रों की तलाश शुरू की गई। करीब चार घंटे तक चले खोज अभियान के बाद दोनों के शव पानी से बाहर निकाले गए। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

दोनों थे हंसडीहा उच्च विद्यालय के छात्र
हादसे में जान गंवाने वाले दोनों किशोर हंसडीहा उच्च विद्यालय में पढ़ते थे। रमन मंडल कक्षा 10वीं का छात्र था, जबकि उमेश कुमार कक्षा 9वीं में पढ़ता था। दोनों की असमय मौत की खबर मिलते ही विद्यालय परिवार और सहपाठियों में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों ने किशोरों से चेकडैम और अन्य जलस्रोतों के गहरे पानी में जाने से बचने की अपील की है।

दोनों माता-पिता के थे इकलौते बेटे
रमन मंडल और उमेश कुमार अपने-अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। दोनों की मौत से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। शव बरामद होने के बाद घटनास्थल पर पहुंचे परिजनों के करुण क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया। रमन का शव देखते ही उसकी बहन बेसुध हो गई, जबकि उमेश का शव देखकर उसकी मां भी बदहवास हो गई।

शव घर ले गए परिजन, पोस्टमार्टम कराने से इनकार
दोनों छात्रों के शव बरामद होने के बाद परिजन उन्हें अपने साथ घर ले गए। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों को पोस्टमार्टम के लिए समझाने का प्रयास किया।





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