आरडब्ल्यूए निवेश मामले में नया मोड़, प्रो. अंजुला मुर्मू, पति व भतीजे समेत 10 पर प्राथमिकी
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- 14 minutes ago
- 3 min read

पहले अंजुला मुर्मू ने 1.37 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी को लेकर कराया था केस,
अब निवेशक सुष्मिता सोरेन ने दर्ज कराई प्राथमिकी, 10 निवेशकों को बनाया गवाह
दुमका। रियल वर्ल्ड एसेट्स की बकरी पालन एवं ऑनलाइन निवेश योजना को लेकर चल रहे विवाद में नया मोड़ आ गया है। पहले सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर डॉ. अंजुला मुर्मू की ओर से करीब 1 करोड़ 37 लाख 38 हजार 400 रुपये की कथित धोखाधड़ी को लेकर अन्य लोगों के खिलाफ दिग्घी स्थित विश्वविद्यालय ओपी थाना में मामला दर्ज कराया गया था। अब निवेशक सुष्मिता सोरेन की शिकायत पर डॉ. अंजुला मुर्मू, उनके पति कोर्नेलियुस मरांडी, विनोद कुमार सिंह, सुमित नायक समेत कुल 10 लोगों के खिलाफ दुमका नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 316(2), 338, 336(3), 340(2) और 352 के तहत दर्ज की गई है। सुष्मिता ने डॉ. अंजुला मुर्मू, कोर्नेलियुस मरांडी, विनोद कुमार सिंह और सुमित नायक को मुख्य अभियुक्त बताया है, जबकि रोशन कुमार ठाकुर, विवेक सिंह, मनीष कुमार, नीरूलता बेसरा, स्वीटी प्रियंका हंसदा और अभिराज मुर्मू समेत अन्य सहयोगियों का भी आवेदन में उल्लेख किया गया है। खास बात यह है कि पहले अंजुला मुर्मू की ओर से दर्ज मामले में सुष्मिता सोरेन को ही आरोपी बनाया गया है। वहीं विनोद कुमार सिंह, रंजीत शर्मा उर्फ रोशन, मनीष कुमार सिंह और विवेक कुमार समेत कुछ नाम दोनों मामलों में आरोपी बनाए गए हैं। अंजुला मुर्मू की प्राथमिकी के अनुसंधान पदाधिकारी श्रीकांत पासवान हैं, जबकि सुष्मिता की प्राथमिकी के अनुसंधान पदाधिकारी रंजीत मंडल बनाए गए हैं।

रिश्ते की पहचान से निवेश तक पहुंची बात
दुमका। सुष्मिता सोरेन ने आवेदन में बताया है कि डॉ. अंजुला मुर्मू उनकी पुरानी परिचित हैं और रिश्ते में उनकी गोतनी की बहन लगती हैं। आरोप है कि डॉ. अंजुला और उनके 8-9 सहयोगियों ने आरडब्ल्यूए की बकरी पालन एवं ऑनलाइन निवेश योजना में प्रतिदिन 0.50 से 0.75 प्रतिशत तक मुनाफा तथा निर्धारित अवधि में रकम दोगुनी करने का भरोसा दिलाया। इस भरोसे में आकर सुष्मिता और उनके पति ने अपनी जमा पूंजी से कुल 2 लाख 10 हजार रुपये निवेश किए। आवेदन के अनुसार 2 फरवरी को 1 लाख रुपये विनोद सिंह के खाते में ऑनलाइन, 3 फरवरी को 10 हजार रुपये नकद डॉ. अंजुला मुर्मू को, 19 अप्रैल को 60 हजार रुपये, 4 मई को 20 हजार रुपये और 21 जून को 20 हजार रुपये निवेश किए गए।

निकासी बंद होने के बाद बढ़ी निवेशकों की चिंता
दुमका। सुष्मिता के अनुसार शुरुआत में निवेश योजना सामान्य रूप से चल रही थी, लेकिन 31 मई के बाद योजना में बदलाव होने पर निवेशक अपनी रकम वापस निकालने की बात करने लगे। इसके बाद जुलाई में आरडब्ल्यूए की वेबसाइट से राशि की निकासी बंद हो गई। निवेशकों के सवाल करने पर डॉ. अंजुला के सहयोगी सुमित नायक ने कथित तौर पर 10 अगस्त से सब ठीक हो जाने का भरोसा दिया। आवेदन के अनुसार 12 अगस्त को सुमित नायक ने सुष्मिता और अन्य निवेशकों से निवेश का विवरण मांगा, जिसे उपलब्ध कराया गया। इसके अगले दिन 13 अगस्त 2026 को आरडब्ल्यूए की वेबसाइट बंद हो गई। इसके बाद निवेशकों ने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू कर दी।

राशि मांगने पर अभद्रता का लगाया आरोप
दुमका। शिकायत में सुष्मिता ने आरोप लगाया है कि निवेश की रकम वापस मांगने पर डॉ. अंजुला मुर्मू और उनके सहयोगियों ने कथित तौर पर गाली-गलौज की और उन्हें घर से भगा दिया। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि निवेशकों से प्राप्त राशि का इस्तेमाल डॉ. अंजुला मुर्मू और विनोद कुमार सिंह ने जमीन खरीदने, मकान के सौंदर्यीकरण तथा फॉर्च्यूनर वाहन खरीदने में किया। सुष्मिता ने इन आरोपों की जांच कराने की मांग की है। हालांकि, निवेश की रकम और कथित संपत्ति खरीद के बीच संबंध की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इसकी वास्तविकता पुलिस जांच में ही स्पष्ट होगी।

रीता सोरेन और पत्रकार विलियम जैकब से भी रकम लेने का आरोप
दुमका। सुष्मिता ने आवेदन में अपने अलावा दुमका के दुधानी निवासी रीता सोरेन और उनके जान-पहचान के लोगों से 4 लाख 77 हजार 500 रुपये तथा गिरिडीह के पचंबा निवासी अपने पत्रकार मित्र विलियम जैकब से 4 लाख 54 हजार रुपये की कथित ठगी का भी उल्लेख किया है। उन्होंने दावा किया है कि उनके अलावा दर्जनों से अधिक लोगों से भी आरोपितों द्वारा लाखों रुपये लिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर ऐसे निवेशकों की सूची पुलिस को उपलब्ध कराने की बात कही गई है। आवेदन के साथ ऑनलाइन भुगतान के स्क्रीनशॉट, व्हाट्सऐप चैट, कंपनी का कथित फर्जी प्रमाणपत्र और कंपनी के ब्रोशर की प्रतियां संलग्न किए जाने का उल्लेख है। सुष्मिता ने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर कथित रूप से ठगी गई राशि वापस दिलाने तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।





Comments