बोकारो डीसी अजय नाथ झा पर प्रशासनिक अनियमितताओं के गंभीर आरोप
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- 4 days ago
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राज्यपाल से उच्चस्तरीय जांच की मांग
दुमका। दुमका में करीब 7 वर्षों तक जिला जनसंपर्क पदाधिकारी और उपनिदेशक रहे तथा वर्तमान में बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा के खिलाफ प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना, नियम विरुद्ध स्थानांतरण-पदस्थापन और कथित भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अधिवक्ता डॉ. राज कुमार ने 2 सितंबर 2026 को राज्यपाल को शिकायत भेजकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत की प्रतियां मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक को भी भेजी गई हैं।

18 वर्षों से डीसी के स्टेनो पद पर एक ही कर्मी
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बोकारो समाहरणालय में डीसी के स्टेनो पद पर अजय कुमार करीब 18 वर्षों से लगातार पदस्थापित हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस मामले में 20 नवंबर 2025 को साक्ष्यों के साथ विस्तृत शिकायत की गई थी। करीब 6 माह तक कार्रवाई नहीं होने पर 22 मई 2026 को स्मार पत्र देकर फिर जांच और कार्रवाई की मांग की गई। इसके बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है।

आयुक्त के निर्देशों की अनदेखी का आरोप
शिकायत में उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के प्रमंडलीय आयुक्त विजय कुमार गुप्ता के 21 जुलाई 2026 को चास अंचल कार्यालय के निरीक्षण का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, निरीक्षण के बाद 5 अगस्त 2026 को जारी प्रतिवेदन में राजस्व कर्मचारियों के स्थानांतरण-पदस्थापन से जुड़े मामलों पर गंभीर टिप्पणियां की गई थीं। आरोप है कि राजस्व उपनिरीक्षकों का बार-बार स्थानांतरण और एक ही स्थान पर पुनः पदस्थापन किया जा रहा है, जो प्रशासनिक नियमों के विपरीत है।

जिला स्तर पर आदेशों के पालन पर सवाल
शिकायतकर्ता का दावा है कि प्रमंडलीय आयुक्त के निरीक्षण के दौरान भी स्थानांतरण-पदस्थापन की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आवश्यक निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद जिला स्तर पर इन निर्देशों का अनुपालन नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई है।

स्थापना समिति की बैठकों की प्रक्रिया पर भी सवाल
शिकायत में जिला स्थापना समिति की 8 जुलाई 2024, 31 दिसंबर 2024, 13 जून 2025, 1 सितंबर 2025 और 16 नवंबर 2025 को हुई बैठकों का उल्लेख करते हुए इनके आयोजन और निर्णय प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। साथ ही लिपिक राजेश कुमार पांडेय की नियुक्ति अथवा प्रभार से संबंधित कथित अनियमितताओं की भी जांच की मांग की गई है।

एसीबी जांच और संवेदनशील पदों से हटाने की मांग
अधिवक्ता डॉ. राज कुमार ने शिकायत में लंबे समय से संवेदनशील पदों पर जमे कर्मियों को हटाने, कथित अवैध स्थानांतरण-पदस्थापन की जांच कराने और भ्रष्टाचार के आरोपों की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इस संबंध में बोकारो उपायुक्त अजय नाथ झा तथा अन्य संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।





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