महासप्तमी पर खुले मां दुर्गा के पट, दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु

दुधानी दुर्गापूजा समिति मना रही स्वर्ण जयंती वर्ष
बेलबरन अनुष्ठान के साथ शुरू हुई दुर्गा पूजा: दुमका। शारदीय नवरात्र की महासप्तमी पर शनिवार को दुमका के दुर्गा मंदिरों और पूजा पंडालों में धार्मिक अनुष्ठान के साथ कलश स्थापना तथा मां दुर्गा की प्रतिमाओं में प्राण प्रतिष्ठा की गई। प्रतिमाओं के पट खुलते ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। इससे पहले विभिन्न पूजा समितियों और श्रद्धालुओं ने ढोल-ढाक व शंख ध्वनि के साथ कलश यात्रा निकाली। श्रद्धालु माथे पर कलश और कंधे पर डोली लेकर बड़ा बांध तालाब पहुंचे, जहां पुरोहितों की देखरेख में बेलभरनी पूजा कर कलश में जल भरा गया। इसके बाद मां को डोली में बिठाकर पूजा मंडप लाया गया। महिलाओं में विशेष उत्साह दिखा और उन्होंने ढाक की ताल पर नाचते-गाते मां दुर्गा का स्वागत किया। महासप्तमी पर मां के कालरात्रि स्वरूप की आराधना की गई। बाजारों में कपड़े, जूते-चप्पल, पूजन सामग्री और फल की खरीदारी के लिए भीड़ रही।

स्वर्ण जयंती वर्ष मना रही दुधानी दुर्गापूजा समिति:
दुधानी दुर्गापूजा समिति इस वर्ष आयोजन का 50वां वर्ष यानी स्वर्ण जयंती मना रही है। इस अवसर पर भव्य पंडाल और आकर्षक दुर्गा प्रतिमा स्थापित की गई है। समिति के अनुसार, पंडाल का निर्माण पश्चिम बंगाल के कलाकारों ने किया है। इसकी सजावट काश के फूल, सूप-डाला, मुखौटों और प्राकृतिक वस्तुओं से की गई है। पंडाल की आंतरिक सज्जा और रोशनी भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। समिति ने मंदिर से लेकर मसलिया मोड़ और मिनी अमर सिनेमा हॉल तक घरों को रंगीन रोशनी से सजाया है। दुधानी टावर को भी आकर्षक ढंग से सजाया गया है।

दुर्गा पूजा को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम:
जिले में शांतिपूर्ण दुर्गा पूजा संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है। उपायुक्त अभिजीत सिन्हा और पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। पूजा पंडालों में सुरक्षा बलों के साथ दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। पुलिस के जवान बाइक से शहर और पूजा पंडालों में गश्त कर रहे हैं। प्रमुख बाजार मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है और पुलिस बल तैनात किया गया है। मुख्य बाजार में पैदल चलने वालों के अलावा केवल दोपहिया वाहनों को प्रवेश की अनुमति दी गई है। पूजा पंडालों में महिला पुलिसकर्मियों की भी ड्यूटी लगाई गई है।

चैतन्य देवियों की झांकी का विधायक ने किया उद्घाटन:
नवरात्र के अवसर पर ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, दुमका की ओर से गांधी मैदान में चैतन्य देवियों की झांकी सजाई गई है, जो विजयादशमी तक श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रहेगी। देवी स्वरूपों के माध्यम से आत्मिक शक्ति, पवित्रता, शांति और सद्भाव का संदेश दिया जा रहा है। संस्था की संचालिका राजयोगिनी जयमाला के नेतृत्व में जामा विधायक डॉ. लुईस मरांडी, नगर परिषद की पूर्व अध्यक्ष डॉ. अमिता रक्षित, दैनिक जागरण के ब्यूरो प्रमुख राजीव रंजन, सिविल सोसाइटी के अध्यक्ष राधेश्याम वर्मा, सचिव संजीव कुमार और जय बमबम ने झांकी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर राजू अग्रवाल, अंजली, सावित्री, मौसमी, संदीप कुमार, प्रेम केशरी, मुश्ताक अली, डॉ. मनोज कुमार घोष, कुंदन झा, रामानंद मिश्रा, डॉ. पीयूष रंजन सहित कई लोग मौजूद थे।

पुलिस ने निकाला फ्लैग मार्च, असामाजिक तत्वों को चेतावनी:
दुर्गा पूजा के दौरान शांति, सुरक्षा और सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से शनिवार को दुमका पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला। नगर थाना से सीओ अमर कुमार, एसडीपीओ दिलीप खलखो और डीएसपी संदीप भगत के नेतृत्व में निकला मार्च प्रमुख बाजारों से होते हुए दुधानी पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से निर्भीक होकर पूजा करने और पर्व को शांतिपूर्ण माहौल में मनाने की अपील की। एसडीपीओ दिलीप खलखो ने कहा कि फ्लैग मार्च का उद्देश्य लोगों में सुरक्षा का भरोसा पैदा करना और असामाजिक तत्वों को स्पष्ट संदेश देना है। उन्होंने चेतावनी दी कि शांति भंग करने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और आपसी प्रेम व भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील भी की गई।

विसर्जन जुलूस में अश्लील गानों पर रोक लगाने की मांग:
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान अश्लील और अभद्र गाने बजाने पर रोक लगाने की मांग को लेकर शनिवार को राष्ट्रीय बजरंग दल की दुमका जिला इकाई ने अनुमंडल पदाधिकारी और नगर थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। संगठन के जिला अध्यक्ष पवन वर्मा ने आरोप लगाया कि विसर्जन जुलूस में कुछ असामाजिक तत्वों के दबाव में अश्लील गाने बजाए जाते हैं, जिससे सामाजिक वातावरण प्रभावित होता है और महिलाओं, बच्चों तथा परिवारों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। संगठन ने कहा कि इससे धार्मिक पर्व की गरिमा भी प्रभावित होती है। ज्ञापन के माध्यम से पूजा समितियों और डीजे संचालकों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई, ताकि विसर्जन कार्यक्रम मर्यादित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके। ज्ञापन पर जिला महामंत्री विकास ठाकुर और जिला मंत्री राजा सिंह के हस्ताक्षर भी हैं।

बाजारों में रौनक, पूजा पंडालों में बढ़ी चहल-पहल:
महासप्तमी के साथ ही दुमका में दुर्गा पूजा का उत्साह चरम पर पहुंच गया है। मंदिरों और पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने के साथ बाजारों में भी चहल-पहल रही। खरीदारी, सजावट और धार्मिक आयोजनों के बीच जिला प्रशासन और पुलिस सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में जुटे हैं। पूजा समितियों की ओर से आकर्षक सजावट और सांस्कृतिक गतिविधियों की तैयारी की गई है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे शांति और आपसी सद्भाव बनाए रखते हुए पर्व मनाएं तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अफवाह की सूचना तत्काल पुलिस को दें।





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