भागलपुर-हंसडीहा-दुमका रेलखंड के दोहरीकरण के लिए 1344.87 करोड़ का टेंडर जारी

ढाई वर्ष में 112.9 किमी रेलखंड पर बिछेगी दूसरी लाइन, ट्रेनों के परिचालन की क्षमता बढ़ने की उम्मीद
भागलपुर से दुमका के बीच रेल यातायात को विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पूर्व रेलवे ने भागलपुर-दुमका रेलखंड के दोहरीकरण के लिए 1344.87 करोड़ रुपये का ई-टेंडर जारी किया है। इसके तहत भागलपुर जंक्शन से दुमका जंक्शन तक करीब 112.9 किमी लंबे रेलखंड पर दूसरी रेल लाइन बिछाई जाएगी। यह कार्य भागलपुर-दुमका-रामपुरहाट दोहरीकरण परियोजना का हिस्सा है और इसे पूरा करने के लिए ढाई वर्ष की समय सीमा निर्धारित की गई है।

रेललाइन के साथ कई तकनीकी कार्य भी होंगे।
टेंडर में रेललाइन निर्माण के साथ सिविल वर्क, ट्रैक, विद्युतीकरण, सिग्नल और टेलीकॉम से जुड़े कार्य भी शामिल किए गए हैं। निविदा प्रक्रिया के तहत 15 जनवरी 2027 से बिडिंग शुरू होगी, जबकि बोली जमा करने की अंतिम तिथि 29 जनवरी निर्धारित की गई है। इससे पहले 30 नवंबर 2026 को प्री-बिड कॉन्फ्रेंस आयोजित होगी। टेंडर के लिए 26.90 करोड़ रुपये की अर्नेस्ट मनी निर्धारित की गई है। ज्वाइंट वेंचर और कंसोर्टियम के माध्यम से भी बोली लगाने की अनुमति दी गई है।

पुल, सब-स्ट्रक्चर और विद्युतीकरण का भी होगा काम।
दोहरीकरण परियोजना के तहत नई रेलपथ के निर्माण के अलावा विभिन्न स्थानों पर पुलों की नींव और सब-स्ट्रक्चर, पाइल निर्माण, आरसीसी कार्य, मिट्टी की कटिंग और भराई सहित कई तकनीकी कार्य किए जाएंगे। सड़क से जुड़े कार्य, जल निकासी, सुरक्षा व्यवस्था और पुलों की पाइल टेस्टिंग भी परियोजना का हिस्सा है। इसके साथ पूरे रेलखंड पर विद्युतीकरण, सिग्नल एवं टेलीकॉम सिस्टम विकसित किया जाएगा।

ट्रेनों के परिचालन की क्षमता बढ़ने की उम्मीद।
भागलपुर-दुमका रेलखंड के दोहरीकरण से इस मार्ग पर ट्रेनों के परिचालन की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। वर्तमान में कई हिस्सों में सिंगल लाइन होने के कारण विपरीत दिशा से आने वाली ट्रेनों की क्रॉसिंग के लिए ट्रेनों को स्टेशनों या निर्धारित स्थानों पर रोकना पड़ता है। दूसरी रेल लाइन बनने के बाद परिचालन को अधिक सुचारु बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

सांसद निशिकांत दुबे ने रेल मंत्री के समक्ष उठाया था मामला।
गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने बताया कि भागलपुर-दुमका रेलखंड के दोहरीकरण को लेकर उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से विशेष आग्रह किया था। उनके अनुसार रेल मंत्री ने करीब 1 वर्ष पहले इस परियोजना की घोषणा की थी। अब टेंडर जारी होने से परियोजना के धरातल पर उतरने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। उन्होंने कहा कि दोहरी रेललाइन बनने से क्षेत्र में रेल परिचालन की क्षमता बढ़ेगी और संथाल परगना के यात्रियों को भविष्य में बेहतर रेल सुविधाएं उपलब्ध कराने का रास्ता मजबूत होगा।





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