जामा में महापंचायत, सड़क, पेंशन, शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दे उठे, प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम

नसमस्याओं के समाधान की मांग, कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
जामा प्रखंड की सरसाबाद पंचायत में शुक्रवार को विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर महापंचायत आयोजित की गई। अध्यक्षता मुखिया संघ अध्यक्ष सह सरसाबाद पंचायत के मुखिया राजू पुजहर ने की। महापंचायत में जामा प्रखंड की विभिन्न पंचायतों के मुखिया, जनप्रतिनिधि, छात्र नेता तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष शामिल हुए। राजू पुजहर ने कहा कि क्षेत्र में कई गंभीर समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं, लेकिन संबंधित विभागों और प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने 7 सितंबर को दिए गए एक आवेदन पर अब तक कार्रवाई नहीं होने और थाना स्तर पर मामला लंबित रखने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। साथ ही जामा थाना प्रभारी के लंबे समय से पदस्थापन का मुद्दा भी उठाया।

5 महीने से पेंशन बंद, जर्जर सड़क से परेशानी।
महापंचायत में वृद्धावस्था और विधवा पेंशन का भुगतान 5 महीने से बंद होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। महरो से पुसारो ओवरब्रिज तक जर्जर सड़क की समस्या पर भी जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई। राजू पुजहर ने कहा कि कई बार एनएचएआई के अधिकारियों और जिला प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ। सड़क से उड़ने वाली धूल के कारण आसपास के दुकानदारों को भी परेशानी हो रही है। दुकानदारों के अनुसार स्थिति ऐसी है कि कई दिनों से दुकानें बंद रखने की नौबत आ गई है। पूर्व उपप्रमुख इंद्रकांत यादव ने विद्यालयों में शिक्षकों की कमी और पेंशन की समस्या उठाते हुए प्रखंड एवं अंचल कार्यालयों में आम लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान नहीं होने का आरोप लगाया।

रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग।
राजेंद्र मुर्मू ने क्षेत्र से कोयला, बालू और गिट्टी के बाहर जाने के मामले की जांच की मांग की। उन्होंने युवाओं के लिए रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं में स्थानीय युवाओं के हितों का ध्यान रखने की मांग की। राजीव बास्की ने शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत बताई। छात्र नेता डॉ. श्यामदेव हेंब्रम ने छात्रवृत्ति, पेंशन, रोजगार और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्थानीय लोगों, जमीनदाताओं और युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग की। उन्होंने कहा कि बेहतर इलाज के लिए सक्षम लोगों को बाहर जाना पड़ रहा है, जबकि आम लोगों को इलाज के लिए सदर अस्पताल जाना पड़ता है।

15 दिनों में समस्याओं के समाधान की मांग।
छात्र नेता डॉ. श्यामदेव हेंब्रम ने कहा कि महापंचायत में उठाए गए मुद्दों का 15 दिनों के अंदर समाधान होना चाहिए। पंचायत समिति सदस्य राजीव शर्मा ने भी शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग की। सामाजिक कार्यकर्ता आनंदी राउत ने सड़क, शिक्षा और पेंशन की समस्याओं को गंभीर बताते हुए स्थानीय प्रशासन को 15 दिनों का समय देने की बात कही। वक्ताओं ने कहा कि निर्धारित अवधि में समस्याओं का समाधान नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण हुए शामिल।
महापंचायत में जनसमस्याओं के समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर ठोस पहल की मांग की गई। ग्रामीणों ने सड़क, पेंशन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाया। कार्यक्रम में मुखिया शंकर कोल, पुरन गृही, वणीलाल गृही समेत विभिन्न पंचायतों के प्रधान, जनप्रतिनिधि, छात्र नेता और ग्रामीण शामिल हुए। महापंचायत के बाद अब प्रशासन की ओर से इन समस्याओं पर होने वाली कार्रवाई पर ग्रामीणों की नजर है।





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