निखार सबलोक हत्याकांड की साजिश में दुमका कनेक्शन, जेल में रची गई हत्या की पटकथा
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- 2 days ago
- 2 min read

दुमका। जमशेदपुर के चर्चित होटल कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड की जांच में दुमका का कनेक्शन सामने आने से मामला और गंभीर हो गया है। पुलिस एसआईटी की जांच के अनुसार हत्या की साजिश का एक अहम केंद्र दुमका जेल बना, जहां अपराधियों के बीच संपर्क स्थापित हुआ और कथित तौर पर 15 लाख रुपये की सुपारी तय की गई। इसके बाद उत्तर प्रदेश से पेशेवर शूटरों को बुलाकर हत्या की योजना को अंजाम देने की तैयारी की गई। हालांकि, दुमका जेल में किस स्तर पर किस-किस व्यक्ति की भूमिका रही, इस संबंध में जांच एजेंसी की ओर से सामने आए विवरण के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट होगी।

दुमका जेल से जुड़ी साजिश की कड़ी
एसआईटी की जांच में सामने आया है कि निखार सबलोक की हत्या की साजिश में दुमका जेल की भूमिका अहम रही। जेल में अपराधियों के बीच संपर्क के बाद हत्या की सुपारी तय होने का दावा किया गया है। इसके बाद उत्तर प्रदेश के शूटरों को जमशेदपुर बुलाया गया और उनके ठहरने की व्यवस्था कर निखार की गतिविधियों की रेकी कराई गई। इस खुलासे से दुमका जेल से संचालित आपराधिक नेटवर्क को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं।

3.5 एकड़ जमीन बनी विवाद की जड़
हत्या की मुख्य वजह चांडिल थाना क्षेत्र के कांदरबेड़ा-आसनबनी मार्ग पर स्थित 3.5 एकड़ जमीन को बताया जा रहा है। निखार सबलोक पिंजरा पहाड़िया क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-33 के किनारे ड्रीम होटल प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी में थे। जांच के अनुसार जमीन को लेकर विवाद बढ़ने के बाद जमशेदपुर के दो आपराधिक गिरोहों के बीच वर्चस्व की लड़ाई शुरू हुई और इसी विवाद ने निखार को निशाना बनाए जाने की जमीन तैयार की।

11 गोलियों से की गई हत्या
वारदात के दिन सोनारी निवासी रितेश सिंह ने टाटा-रांची हाईवे स्थित होटल टेंथ माइल स्टोन के बाहर निखार की मौजूदगी की पुष्टि की। इसके बाद कार चला रहे सुनील रजक को इसकी सूचना दी गई और उत्तर प्रदेश से आए कथित शूटर अंकित सिंह ने निखार पर गोलियां चला दीं। जांच के अनुसार निखार को 11 गोलियां मारी गईं। घटना के बाद मुख्य शूटर रांची की ओर भाग गया और लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा।

दुमका से शुरू हुई जांच की अहम कड़ी
एसआईटी ने इस हत्याकांड की जांच के दौरान झारखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी छापेमारी की। जांच में गैंगस्टर विक्रम शर्मा की मौत के बाद उसके नेटवर्क को संभाल रहे अशोक राघव उर्फ अशोक सिंह राघव को मुख्य सूत्रधार बताया गया है। पुलिस हिरासत में तबीयत बिगड़ने के बाद उसे टाटा मुख्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं सुनील रजक को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

दुमका कनेक्शन ने बढ़ाई जांच की गंभीरता
हत्याकांड में दुमका जेल का नाम सामने आने के बाद जांच का दायरा और महत्वपूर्ण हो गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जेल से सुपारी की कथित डील और अपराधियों के बीच संपर्क किस तरह स्थापित हुआ और इसमें किन लोगों की भूमिका थी। साथ ही 15 लाख रुपये की कथित सुपारी की फंडिंग और शूटरों को ठहराने की व्यवस्था करने वालों की भी जांच की जा रही है। एसआईटी के अनुसार इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य प्रभावशाली लोगों तक पहुंचने के प्रयास जारी हैं।





Comments