top of page

नाबालिग से बेटे की शादी के मामले में पूर्व विधायक ताला मरांडी समेत 5 आरोपी बरी

13 hours ago
2 min read

दुमका। नाबालिग लड़की से बेटे की शादी कराने के मामले में दुमका के एमपी-एमएलए विशेष न्यायालय ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक ताला मरांडी, उनके बेटे मुन्ना मरांडी और लड़की के पिता भगन बास्की समेत 5 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। विशेष न्यायाधीश मोहित चौधरी ने मामले की सुनवाई के बाद सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। अदालत के अनुसार अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका।

2016 में सामने आया था बाल विवाह का मामला। 

मामला 27 फरवरी 2016 का है, जब ताला मरांडी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष थे। आरोप था कि उनके बेटे मुन्ना मरांडी की शादी एक नाबालिग लड़की से कराई गई थी। शादी के लिए आमंत्रण कार्ड छपवाए जाने और इसमें राजनेताओं तथा अधिकारियों के शामिल होने की बात भी सामने आई थी। मामला तूल पकड़ने के बाद बोआरीजोर, गोड्डा के तत्कालीन बीडीओ सह बाल विवाह निषेध पदाधिकारी विजय कुमार मरांडी ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 की धारा 9, 10 और 11 के तहत ताला मरांडी, मुन्ना मरांडी, भगन बास्की, भीमा मरांडी और अनिल हेम्ब्रम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

प्रदेश अध्यक्ष पद से देना पड़ा था इस्तीफा। 

बाल विवाह का मामला सामने आने के बाद ताला मरांडी की राजनीतिक भूमिका भी प्रभावित हुई थी। उन्होंने शुरुआत में आरोप साबित होने तक पद से इस्तीफा नहीं देने की बात कही थी, लेकिन अगस्त 2016 में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। मंगलवार को मामले में फैसला सुनाते हुए अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में सभी 5 आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।

2019 में नहीं मिला भाजपा का टिकट। 

इस मामले के बाद वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने ताला मरांडी को टिकट नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने भाजपा छोड़कर आजसू पार्टी का दामन थाम लिया और बोरियो विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। बाद में वह भाजपा में वापस लौटे। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें राजमहल लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया, लेकिन उन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।

2025 में भाजपा छोड़कर झामुमो में शामिल हुए। 

अप्रैल 2025 में ताला मरांडी ने भाजपा से इस्तीफा देकर झारखंड मुक्ति मोर्चा का दामन थाम लिया। मंगलवार को बाल विवाह मामले में अदालत के फैसले के साथ करीब एक दशक पुराने इस मामले का न्यायिक स्तर पर निस्तारण हो गया। अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं पाए और सभी 5 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।


 
 
 

Comments


Post: Blog2 Post

Address

Shiv Sundari Road, Dumka, Jharkhand 814101

Contact

+917717793803

Follow

  • Facebook
  • YouTube
  • Twitter

©2021 by Santhal Pargana Khabar. All Rights Reserved

bottom of page