नगर निकाय चुनाव 2026: भाजपा समर्थन की जंग, अध्यक्ष पद बना रणनीति का अखाड़ा
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Jan 23
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दुमका। 2026 के नगर निकाय चुनाव भले ही दलगत आधार पर नहीं लड़े जाएंगे, लेकिन अध्यक्ष पद के लिए प्रमुख दलों का समर्थन हासिल करने की होड़ तेज हो गई है। खासकर भाजपा के भीतर प्रत्याशी चयन को लेकर रायशुमारी और अंदरूनी रणनीति राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गई है। सूत्रों के अनुसार भाजपा कार्यकर्ताओं की राय के आधार पर चार नाम पार्टी नेतृत्व को भेजे गए हैं, जिससे साफ है कि अध्यक्ष पद को लेकर पार्टी के भीतर प्रतिस्पर्धा अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है।

चार दावेदार मैदान में, अमिता रक्षित फिर चर्चा के केंद्र में
दुमका। भाजपा के समर्थन की दौड़ में जिन चार नामों की चर्चा है, उनमें पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष अमिता रक्षित, पूर्व वार्ड पार्षद पवन केशरी, पूर्व भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष ममता साह और नगर अध्यक्ष मृणाल मिश्रा शामिल हैं। दो बार अध्यक्ष रह चुकी अमिता रक्षित को 2018 के चुनाव में झामुमो समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी श्वेता झा से 7225 मतों के बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा था, जबकि उस समय भाजपा सरकार और शीर्ष नेताओं का समर्थन उन्हें प्राप्त था। इस बार अध्यक्ष पद महिला आरक्षित नहीं होने के कारण पार्टी समर्थन मिलने की संभावना कम मानी जा रही है, फिर भी उन्होंने चुनाव लड़ने और प्रचार शुरू करने का संकेत देकर राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।

राजनीतिक समीकरण बदले, समर्थन मिले या नहीं—चुनाव लड़ने को तैयार प्रत्याशी
दुमका। पवन केशरी संघ से जुड़े रहे हैं और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं, जबकि ममता साह को क्षेत्र में रोनियार समाज के समर्थन की संभावना से मजबूत दावेदार माना जा रहा है। वहीं नगर अध्यक्ष मृणाल मिश्रा का नाम भी दौड़ में है, हालांकि मिक्की झा की मजबूत दावेदारी के कारण उनके पीछे हटने की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। कुल मिलाकर दुमका नगर परिषद का अध्यक्ष पद इस बार राजनीतिक रणनीति, व्यक्तिगत प्रभाव और समर्थन की जटिल लड़ाई का केंद्र बनता नजर आ रहा है, जिससे चुनावी मुकाबला बेहद रोचक और निर्णायक होने के संकेत मिल रहे हैं।





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