दुमका में हत्या के अभियुक्त को सश्रम आजीवन कारावास
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- 2 days ago
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तीन माह बाद दर्ज हुआ था मामला, कब्र से निकालकर कराया गया पोस्टमार्टम
दुमका। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ योगेश सिंह की अदालत ने गुरुवार को हत्या के आरोपी दुर्गा टुडू को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। यह फैसला सेशन ट्रायल केस नंबर 34/2024 में 9 गवाहों की गवाही के आधार पर सुनाया गया। सभी गवाहों और साक्ष्यों पर सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी दुर्गा टुडू को दोषी मानते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

तीन माह बाद दर्ज हुई एफआईआर, कब्र से निकला शव
घटना के तीन माह बाद मुकदमा दर्ज हुआ था। कानूनी प्रक्रिया के तहत मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद मामले की विधिवत जांच शुरू हुई। अभियुक्त दुर्गा टुडू, कौआम गांव (थानादृरामगढ़) का निवासी है। मृतक पायो हेम्ब्रम और आरोपी के बीच जमीन विवाद था। दुर्गा टुडू मृतक का घर जमाई भी था।

प्रत्यक्षदर्शी का बयान-मदद करने के बहाने की गई हत्या
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि 12 मार्च 2022 को पायो हेम्ब्रम लकड़ी फाड़ रहा था। तभी आरोपी दुर्गा टुडू पहुंचा और कहा-“लकड़ी दो, मैं फाड़ देता हूं।” मृतक ने कुल्हाड़ी उसे सौंप दी, लेकिन आरोपी ने उसी कुल्हाड़ी से पायो हेम्ब्रम पर हमला कर दिया। गर्दन पर गंभीर चोट आने से उसकी मौत हो गई।

शव को हादसा बताकर दफनाने की कोशिश
घटना की जानकारी मृतक के पुत्र शनिलाल हेम्ब्रम को पश्चिम बंगाल के वर्द्धमान में मिली, जहां वह काम करता था। वह गांव पहुंचा तो ग्रामीण मामले को हादसा बताकर शव को दफनाने की तैयारी में थे। शनिलाल अंतिम संस्कार में शामिल हुआ, लेकिन कुछ दिनों बाद प्रत्यक्षदर्शी ने उसे सच्चाई बताई। शिकायत लेकर शनिलाल दुमका पहुंचा, लेकिन स्थानीय पुलिस ने थ्प्त् लेने से इनकार कर दिया। बाद में मामला सामने आने पर 22 जून 2022 को केस दर्ज हुआ और कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।









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