दुमका में ई-रिक्शा चालक की हत्या के विरोध में शिकारीपाड़ा में एनएच-114A जाम
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- 1 day ago
- 2 min read

दुमका जिले के शिकारीपाड़ा प्रखंड मुख्यालय स्थित चौक पर एक ई-रिक्शा चालक की हत्या के विरोध में आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर एनएच-114A (दुमका-रामपुरहाट मार्ग) को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी हत्या में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी और मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। सड़क जाम के कारण मार्ग के दोनों ओर यात्री और मालवाहक वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिसमें तारापीठ जाने वाले श्रद्धालुओं के कई वाहन भी फंसे रहे।

जमीन विवाद में हुई मारपीट, इलाज के दौरान मौत
मिली जानकारी के अनुसार शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के शिमला ढाका गांव में दो पक्षों के बीच जमीन विवाद चल रहा था। विवाद सुलझाने के लिए एक पक्ष रविवार को सफारुद्दीन मियां के ई-रिक्शा से थाना जा रहा था। रास्ते में दूसरे पक्ष के लोगों ने ई-रिक्शा रोककर चालक सफारुद्दीन मियां से उलझते हुए आरोप लगाया कि वह एक पक्ष का समर्थन कर रहा है। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने ई-रिक्शा चालक की लात-घूंसे और लाठी से बेरहमी से पिटाई कर दी। गंभीर रूप से घायल सफारुद्दीन मियां को पहले शिकारीपाड़ा सीएचसी, फिर दुमका मेडिकल कॉलेज अस्पताल और बाद में वर्धमान रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
गिरफ्तारी व मुआवजे की मांग, पुलिस ने दी कार्रवाई की जानकारी
शव गांव पहुंचते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए और शव को लेकर शिकारीपाड़ा थाना से कुछ दूरी पर बीच चौक पर रखकर सड़क जाम कर दिया। मृतक के भगिना मोइन अंसारी ने बताया कि सफारुद्दीन मियां की छह बेटियां हैं और परिवार के समक्ष गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने करीम मियां, कोबाद मियां, जलील अंसारी, अब्दुल मियां, रमजान अंसारी और बशीर मियां को घटना का जिम्मेदार बताया। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी अमित लकड़ा ने बताया कि मामले में छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिनमें से दो की गिरफ्तारी हो चुकी है और शेष आरोपियों को भी जल्द पकड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने के बाद पीड़ित परिवार को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।










Comments