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दिसोम गुरु के बिना पहली अग्निपरीक्षा, झामुमो के सामने भीड़ जुटाने की बड़ी चुनौती

शिबू सोरेन के बाद पहला झारखंड दिवस, दुमका बनेगा शक्ति परीक्षण का केंद्र

दुमका। 2 फरवरी को दुमका के गांधी मैदान में झारखंड मुक्ति मोर्चा का 47वां झारखंड दिवस पूरे जोश और शक्ति प्रदर्शन के साथ मनाया जाएगा। यह आयोजन दिशोम गुरु शिबू सोरेन के देहांत के बाद पहली बार हो रहा है, ऐसे में झामुमो के सामने यह सबसे बड़ी चुनौती है कि वह गुरुजी के बिना भी उतनी ही या उससे अधिक भीड़ जुटा पाए। पार्टी नेताओं का दावा है कि गुरुजी की अनुपस्थिति के बावजूद जनसैलाब और उत्साह में कोई कमी नहीं आएगी और यह आयोजन पहले से भी अधिक भव्य व ऐतिहासिक होगा।

प्रमंडलीय बैठक में ताकत का प्रदर्शन, शीर्ष नेता एक मंच पर

झारखंड दिवस की तैयारियों को लेकर दुमका क्लब में संताल परगना प्रमंडल स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता स्थानीय विधायक बसंत सोरेन ने की। बैठक में मंत्री हफीजुल हसन, सांसद नलिन सोरेन, जामा विधायक डॉ. लुईस मरांडी सहित संताल परगना प्रमंडल के सभी छह जिलों के विधायक, जिलाध्यक्ष और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई, जिससे माहौल भावुक होने के साथ संघर्ष के संकल्प से भर उठा।

एसआईआर पर खुला हमला, केंद्र सरकार को चेतावनी

बैठक को संबोधित करते हुए विधायक बसंत सोरेन ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि झारखंड में एसआईआर को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा। इसे केंद्र की साजिश करार देते हुए उन्होंने कहा कि 2 फरवरी की रैली में एसआईआर की खामियों को जनता के सामने उजागर किया जाएगा और राज्य सरकार द्वारा पारित पेसा कानून की उपलब्धियों को प्रमुखता से रखा जाएगा। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि रैली के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था या बदसलूकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गांव-गांव तक झामुमो का झंडा, टमाक की गूंज से भरेगा संताल

जामा विधायक डॉ. लुईस मरांडी ने कहा कि झारखंड दिवस झामुमो की पहचान और संघर्ष का प्रतीक है। उन्होंने आह्वान किया कि पार्टी का झंडा हर गांव तक पहुंचे और छोटी-बड़ी हर गाड़ी पर झामुमो का झंडा लहराए। उन्होंने कहा कि झारखंड दिवस की असली पहचान टमाक है और इस बार चारों ओर टमाक की गूंज सुनाई देनी चाहिए। गुरुजी की अनुपस्थिति में कार्यक्रम को फीका न पड़ने देना सभी कार्यकर्ताओं की सामूहिक जिम्मेदारी है।

गुरुजी को समर्पित होगी ऐतिहासिक रैली, भावनाओं से भरेगा गांधी मैदान

सांसद नलिन सोरेन ने कहा कि झारखंड दिवस झामुमो के लिए केवल रैली नहीं, बल्कि संघर्ष और पहचान का सबसे बड़ा मंच है। दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद यह पहला झारखंड दिवस होगा, इसलिए पार्टी इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाकर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि देगी। मंत्री हफीजुल हसन ने कहा कि इस मंच से एसआईआर, पेसा कानून और नगर निकाय चुनाव जैसे अहम मुद्दों पर झामुमो की स्पष्ट रणनीति सामने आएगी।

46 वर्षों की परंपरा, फिर दोहराया जाएगा जनसैलाब का इतिहास

गौरतलब है कि पिछले 46 वर्षों से झामुमो द्वारा दुमका में 2 फरवरी को झारखंड दिवस मनाया जाता रहा है। इस अवसर पर संताल परगना के सभी छह जिलों से हजारों कार्यकर्ता एसपी कॉलेज मैदान में जुटते हैं और वहां से जुलूस की शक्ल में गांधी मैदान पहुंचते हैं। शाम से शुरू होकर देर रात तक चलने वाले इस आयोजन में कड़ाके की ठंड के बावजूद कार्यकर्ता अपने नेताओं को सुनने डटे रहते हैं। इस बार यह आयोजन न केवल शक्ति प्रदर्शन होगा, बल्कि दिशोम गुरु की स्मृति को समर्पित एक ऐतिहासिक अध्याय भी बनेगा।


 
 
 

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