दादी की दूसरी पुकार ने हिला दिया पुलिस को
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Dec 8, 2025
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80 हजार में बेच दी गई थी नाबालिग, पुलिस की तत्परता से हुई वापसी
दुमका। बिरना गांव की खामोशी तब गहरी हो गई जब 14 वर्षीय नाबालिग लड़की अचानक लापता हो गई। सिलाई सीखने के सपनों के साथ घर से निकली मासूम जब वापस नहीं लौटी, तो उसकी दादी सुशीला देवी की आंखों में डर और बेचौनी उतर आई। हर शाम दरवाज़े पर बैठी दादी बस एक उम्मीद लिए रहती थीं कि उनकी पोती लौट आएगी। 06 दिसंबर की रात वह कांपती आवाज़ में थाने पहुंचीं और पुलिस को बताया कि तीन महिलाओं ने उनकी पोती को 80,000 रुपये में एक युवक को बेच दिया है। यह खबर सुनते ही थाना परिसर में सन्नाटा गूंज गया और मामले की गंभीरता साफ झलकने लगी।

पुलिस ने लौटाई मासूम की मुस्कान, तीन महिला समेत चार आरोपी गिरफ्तार
दुमका। पुलिस ने बिना एक पल गंवाए कार्रवाई शुरू की और मानव तस्करी के इस जघन्य कृत्य को अत्यधिक गंभीरता से लिया। त्वरित प्रयासों के बाद पुलिस ने नाबालिग को मोतिहारी से सकुशल बरामद कर लिया। साथ ही चुड़की देवी, पार्वती उर्फ पानवती देवी, पिंकी उर्फ प्रियंका देवी और अरुण सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। मासूम के सुरक्षित लौटने से दादी की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। पुलिस की इस सराहनीय कार्रवाई ने न सिर्फ एक परिवार में फिर से उजाला किया, बल्कि गांव को भी राहत की सांस दी।

मुजफ्फरपुर से मोतिहारी तक पुलिस की छापेमारी
दुमका। पहले ही पुलिस टीम मुजफ्फरपुर रवाना हो चुकी थी। दूसरी टीम मोतिहारी के लिए निकल पड़ी। मासूम की जिंदगी दांव पर थी। हर मिनट भारी था। आखिरकार मोतीहारी जिले के राजेपुर थाना क्षेत्र के सगहरी गांव में पुलिस की छापेमारी रंग लाई। पुलिस ने डरी सहमी किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया, साथ ही किशोरी को खरीदने वाला अरुण सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया।

पोती की बरामदगी की खबर सुन रो पड़ी दादी
दुमका। पुलिस ने जब दादी को बताया गया कि उनकी पोती मिल चुकी है, तो उनकी आंखों से बहते आँसू किसी जीत की तरह चमक रहे थे। इंसानियत उस पल फिर से जीत गई थी। थाना प्रभारी राजेन्द्र यादव के नेतृत्व में पूरी टीम अनुसंधानकर्ता जयप्रकाश दास सहित 12 अन्य पुलिसकर्मियों ने दिन-रात एक कर बच्ची को वापस लाने का काम किया। उनकी यह प्रयास न सिर्फ कानून की जीत है, बल्कि मानवता की भी।





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