तिलकोत्सव में उमड़ा आस्था का सैलाब, बासुकीनाथ में ऐतिहासिक भीड़
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- Jan 23
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दुमका। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर बाबा बासुकीनाथ की नगरी में भोलेनाथ के तिलकोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां 85 हजार से अधिक भक्तों ने जलाभिषेक कर बाबा भोलेनाथ से सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना की। मिथिलांचल सहित देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालुओं के हर-हर महादेव के जयकारों, शंख-डमरू, भजन और कीर्तन से मंदिर परिसर से लेकर पूरी देवनगरी भक्तिमय हो उठी, वहीं विद्यापति रचित भजन, वैवाहिक गीत और मिथिला लोकगीतों ने तिलकोत्सव को भक्ति और उल्लास के रंग में रंग दिया।

मिथिलांचल से उमड़ी श्रद्धालुओं की टोली, अबीर-गुलाल से सजा तिलकोत्सव
दुमका। दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, वैशाली सहित मिथिलांचल और आसपास के क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने तिलकहरू की परंपरा निभाते हुए बाबा बासुकीनाथ के दरबार में श्रद्धा अर्पित की और अबीर-गुलाल की होली खेलकर तिलकोत्सव को उत्सव का स्वरूप दिया। मंदिर परिसर में भारी भीड़ को नियंत्रित करने और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंदिर प्रभारी कुंदन कुमार, एसडीपीओ अमित कच्छप और डीएसपी सह इंस्पेक्टर श्यामानंद मंडल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।

शीघ्र दर्शनम से लाखों की आय, दिनभर चलता रहा जलाभिषेक का सिलसिला
दुमका। श्रद्धालुओं की अपार भीड़ के बीच 1328 भक्तों ने शीघ्र दर्शनम व्यवस्था के तहत पूजा-अर्चना की, जिसमें 300 रुपये प्रति श्रद्धालु की दर से कूपन लेकर भक्तों ने सीधे मंदिर में प्रवेश कर बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। इस व्यवस्था से मंदिर प्रबंधन को कुल 3 लाख 98 हजार 400 रुपये की आय हुई, जबकि दिनभर श्रद्धालुओं की निरंतर बढ़ती भीड़ ने बासुकीनाथ को आस्था, भक्ति और उत्सव का विराट केंद्र बना दिया, जहां हर ओर बाबा भोलेनाथ के जयघोष और भक्ति संगीत से वातावरण गुंजायमान रहा।





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