ग्राम प्रधान का घर तोड़ने के विरोध में ग्रामीणों ने शिकारीपाड़ा प्रखण्ड कार्यालय को घेरा, किया हंगामा
- SANTHAL PARGANA KHABAR
- 1 day ago
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दुमका। शिकारीपाड़ा प्रखंड के ताराचुआं गांव में पूर्व ग्राम प्रधान सोम हेम्ब्रम द्वारा सरकारी गैर मजरूवा जमीन पर बनाए गए घर को जेसीबी से हटाए जाने के विरोध में गुरुवार को ग्रामीणों ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय का घेराव कर हंगामा किया। करीब 100 की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने सीओ की कार्रवाई का विरोध जताया। प्रदर्शन में कई महिलाएं भी शामिल थीं, जिनके हाथों में लाठी-डंडे थे। स्थिति को देखते हुए बीडीओ एजाज आलम ने तत्काल पुलिस बल को मौके पर बुलाया।

ग्रामीणों ने लगाया अभद्र व्यवहार का आरोप
ग्रामीणों का आरोप था कि जेसीबी से घर गिराने की कार्रवाई गलत तरीके से की गई और इस दौरान मौजूद लोगों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। विरोध प्रदर्शन के समय सीओ कपिल देव ठाकुर कार्यालय में मौजूद नहीं थे। उनके कार्यालय पहुंचते ही ग्रामीणों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद सीओ ने पूर्व ग्राम प्रधान सोम हेम्ब्रम को कार्यालय में बुलाकर बातचीत की। बाद में सोम हेम्ब्रम ने बाहर आकर ग्रामीणों को समझाया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।

सीओ बोले. सरकारी जमीन से हटाया गया अतिक्रमण
सीओ कपिल देव ठाकुर ने कहा कि कार्रवाई पूरी तरह कानून के तहत की गई है। कई माह पूर्व ग्रामीणों ने ही आवेदन देकर सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत की थी। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद अतिक्रमण हटाया गया। उन्होंने बताया कि पूर्व ग्राम प्रधान ने लिखित रूप से माफी मांगी है। लाठी-डंडे के साथ कार्यालय पहुंचने के मामले में आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। सीओ ने बताया कि सरकारी जमीन अतिक्रमण के कारण एसडीओ द्वारा सोम हेम्ब्रम की ग्राम प्रधानी भी रद्द कर दी गई है। हालांकि इस कार्रवाई के खिलाफ उन्होंने उपायुक्त के समक्ष अपील की है और मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।





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