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गले में गमछा, साधारण शर्ट-पैंट में पहुंचे एसीबी अधिकारी

पांच हजार रुपये रिश्वत लेते प्रधान लिपिक रंगे हाथ गिरफ्तार

दुमका। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दी। टीम के अधिकांश अधिकारी गले में गमछा और साधारण शर्ट-पैंट पहनकर आम लोगों की तरह अंचल कार्यालय परिसर में पहुंचे थे। कुछ अधिकारी कार्यालय के सामने रखी कुर्सियों पर बैठकर फरियादियों की तरह इंतजार करते रहे, जबकि अन्य सदस्य आसपास सामान्य गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे। कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और आम लोगों को इस बात की जरा भी भनक नहीं लगी कि सादे वेश में बैठे लोग एसीबी के अधिकारी हैं। जैसे ही शिकायतकर्ता ने प्रधान लिपिक को तय रकम सौंपी, पहले से सतर्क टीम ने कुछ ही सेकंड में उन्हें दबोच लिया। अचानक हुई कार्रवाई से पूरे कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते लोगों की भीड़ जुट गई और हर कोई एसीबी की इस कार्रवाई की चर्चा करने लगा।

सीओ रिपोर्ट के लिए मांगे थे 25 हजार, 20 हजार में हुआ था सौदा

दुमका। दुमका जिले के सरैयाहाट प्रखंड सह अंचल कार्यालय में गुरुवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रधान लिपिक आनंद भारद्वाज को पांच हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार, जमीन विवाद से जुड़े एक मामले में रिपोर्ट देने के एवज में प्रधान लिपिक ने शिकायतकर्ता दीपक दास से 25 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। बाद में दोनों के बीच 20 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। इसी राशि की पहली किस्त लेते हुए एसीबी ने उसे दबोच लिया। कार्यालय परिसर में दिनदहाड़े हुई इस कार्रवाई से कर्मचारियों और आम लोगों में हड़कंप मच गया। एसीबी की टीम ने मौके पर ही आरोपी को हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पूछताछ के बाद अपने साथ दुमका ले गई। गिरफ्तार प्रधान लिपिक आनंद भारद्वाज को दुमका के एसीबी सह एडीजे-1 के कोर्ट में प्रस्तुत किया गया जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

एक दिन पहले ही एसीबी ने दर्ज किया था एफआईआर

दुमका। एसीबी के एसपी ने बताया कि सरैयाहाट थाना क्षेत्र के मंडलडीह (तुलसी) गांव के रहनेवाले परिवादी दीपक दास ने आवेदन देकर सूचित किया था कि उनका अनुमंडल पदाधिकारी दुमका के कोर्ट में आवेदन वाद संख्या 534/2025 अखिलेश्वर दास बनाम दीपक दास में सरैयाहाट के अंचलाधिकारी से जांच प्रतिवेदन मांगा गया था। एसडीओ के उक्त आदेश के आलोक में कर्मचारी के द्वारा जमीन का जांच कर जांच रिपोर्ट अनुमंडल कार्यालय दुमका को भेजने के लिए सरैयाहाट प्रखण्ड के बड़ाबाबू आनंद कुमार भारद्वाज को दिया गया। जब उन्होंने बड़ाबाबू आनंद कुमार भारद्वाज से रिपोर्ट भेजने के बारे में पूछे तो बड़ाबाबू बोले कि 5000 रुपया लगेगा तभी हम रिपोर्ट आगे बढ़ायेंगे। परिवादी रिश्वत नहीं देना चाहते थे। उनके आवेदन पर टीम गठित कर आरोप का विधिवत सत्यापन कराया गया। सत्यापन के क्रम में आरोपी आनंद कुमार भारद्वाज के विरुद्ध 5,000 रुपये रिश्वत की मांग करने का आरोप की पुष्टि हुई थी। परिवादी के लिखित आवेदन एवं सत्यापनकर्ता के सत्यापन प्रतिवेदन के आधार पर प्राथमिकी अभियुक्त आनंद कुमार भारद्वाज के विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो दुमका थाना कांड सं0-06/26, दिनांक-08.07.2026 पंजीकृत कर धावादल का गठन किया गया।

भागलपुर का रहनेवाला है बड़ा बाबू आनंद कुमार भारद्वाज

दुमका। एसपी ने बताया कि गुरूवार को जैसे सरैयाहाट अंचल के प्रधान लिपिक आनंद कुमार भारद्वाज ने परिवादी दीपक दास से रिश्वत के रूप में 5000 रुपये लिये वहां मौजूद एसीबी के ट्रैप टीम ने उन्हें हिरासत में लेकर जब उनका हाथ धुलवाया तो पानी का रंग लाल हो गया। रिश्वत की राशि को जप्त करते हुए कांड के प्राथमिकी अभियुक्त आनंद कुमार भारद्वाज, प्रभारी प्रधान लिपिक, सरैयाहाट अंचल कार्यालय को गिरफ्तार कर दुमका के एसीबी कार्यालय लाया गया। उन्होंने बताया कि प्रभारी प्रधान लिपिक आनंद कुमार भारद्वाज मूल रूप से बिहार के भागलपुर जिला के प्रखण्ड/थाना/ग्राम रंगरा के रहनेवाले हैं और वर्तमान में दुमका शहर के गिलानपाड़ा में अपना आवास रखे हुए हैं।

जमीन की जांच रिपोर्ट भेजने के बदले मांगी थी घूस

दुमका। सरैयाहाट प्रखंड के मंडलडीह निवासी दीपक दास से सरैयाहाट प्रखंड सह अंचल कार्यालय के प्रधान लिपिक आनंद भारद्वाज ने जमीन विवाद से संबंधित जांच प्रतिवेदन अनुमंडल कार्यालय भेजने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। मंडलडीह निवासी दीपक दास का अपने ही गांव के अखिलेश्वर दास के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। उन्होंने अनुमंडल कार्यालय में आवेदन दिया था जिसपर एसडीओ ने सरैयाहाट अंचल कार्यालय को प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का पत्र जारी किया था। अंचल कार्यालय की ओर से संबंधित भूमि की जांच भी कराई गई, लेकिन जांच प्रतिवेदन अनुमंडल कार्यालय भेजने के बदले प्रधान लिपिक आनंद भारद्वाज ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग कर दी। शिकायतकर्ता दीपक दास ने बताया कि विवादित जमीन का बंदोबस्त करीब 50 वर्ष पहले उनके पिता (स्वर्गीय) किशन दास के नाम पर हुआ था। इसके बावजूद कुछ लोगों ने कथित रूप से जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है। इसी मामले में जांच प्रतिवेदन भेजने के नाम पर उनसे रिश्वत मांगी गई थी।


 
 
 

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